रुपये में मजबूती: RBI के कदमों का असर

हाल ही में भारतीय रुपये में मजबूती आई है, जो रिजर्व बैंक द्वारा उठाए गए कदमों का परिणाम है। रुपये ने डॉलर के मुकाबले 92.85 के स्तर पर वापसी की है। हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितता जैसे कई कारक रुपये पर दबाव बना रहे हैं। जानें रुपये की स्थिति, RBI के कदम और बाजार की चुनौतियों के बारे में।
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रुपये में मजबूती: RBI के कदमों का असर

रुपये की स्थिति

हाल ही में भारतीय रुपये में मजबूती आई है, जो रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा उठाए गए कदमों का परिणाम है। पहले डॉलर के मुकाबले 95.23 पर गिरने के बाद, रुपये ने अब मजबूती से वापसी की है। सोमवार को शुरुआती कारोबार में रुपये ने 33 पैसे की बढ़त के साथ 92.85 के स्तर पर पहुंच गया। RBI ने सख्त कदम उठाते हुए सट्टेबाजी पर नियंत्रण करने की कोशिश की है, जिससे रुपये में यह सुधार देखने को मिला। पिछले गुरुवार को रुपये ने 152 पैसे की बढ़त के साथ 93.18 पर बंद हुआ था।


आरबीआई के कदम

आरबीआई ने सट्टेबाजी को रोकने के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। बैंक की नेट ओपन पोजीशन की सीमा 100 मिलियन डॉलर तक सीमित कर दी गई है। 10 अप्रैल की डेडलाइन से पहले बैंक डॉलर की पोजीशन को अनवाइंड कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि RBI के ये कदम प्रभावी साबित हो रहे हैं और रुपये के 92 तक मजबूत होने की संभावना है।


चुनौतियाँ बनी हुई हैं

हालांकि रुपये में हालिया मजबूती के बावजूद, कई चुनौतियाँ अभी भी मौजूद हैं। विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार बाजार से बिकवाली कर रहे हैं। पिछले कारोबारी सत्र में, इक्विटी में 9,931 करोड़ रुपये की बिकवाली हुई। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में 0.14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो 100.17 पर पहुंच गया है। इसके साथ ही, कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखी जा रही है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.66 प्रतिशत बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल हो गई है।


वैश्विक अनिश्चितता का प्रभाव

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट मंगलवार तक नहीं खोला गया, तो वह ईरान के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले की धमकी दे चुके हैं। इस स्थिति ने वैश्विक अनिश्चितता को बढ़ा दिया है, जो रुपये पर दबाव डाल रही है। रुपये की मजबूती के बावजूद, शेयर बाजार आज लाल निशान के साथ कारोबार कर रहा है।