रीवा में महिला की निजता का उल्लंघन: पति गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक महिला की निजता का उल्लंघन करने के आरोप में उसके पति को गिरफ्तार किया गया है। पति पर आरोप है कि उसने अपनी पत्नी का 13 मिनट 14 सेकंड का निजी वीडियो बनाकर उसे पोर्न साइट्स और सोशल मीडिया पर साझा किया। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पीड़िता ने शादी के बाद दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। इस मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है और आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी की निजी सामग्री को साझा न करें।
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रीवा में महिला की निजता का उल्लंघन: पति गिरफ्तार

महिला की निजता से जुड़ा मामला

रीवा में महिला की निजता का उल्लंघन: पति गिरफ्तार


मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक महिला की निजता से संबंधित एक गंभीर मामले में पुलिस ने उसके पति को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि पति ने अपनी पत्नी का 13 मिनट 14 सेकंड का निजी वीडियो बनाकर उसे पोर्न साइट्स और सोशल मीडिया पर साझा किया। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।


शादी के बाद प्रताड़ना का आरोप

पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि उसकी शादी 10 मई 2025 को हुई थी। शादी के बाद से उसे दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया गया। पीड़िता का कहना है कि जब उसकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आरोपी ने उसे बदनाम करने की धमकी दी और बाद में उसका निजी वीडियो रिकॉर्ड कर उसे ऑनलाइन प्रसारित कर दिया।


आरोपी की मंशा और फरार होना

प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि आरोपी लंबे समय से अश्लील वेबसाइट्स देखता था। पूछताछ के दौरान उसने वीडियो साझा करने के पीछे 'पॉपुलर' होने की इच्छा जताई। पीड़िता के परिवार ने भी दहेज मांगने और लगातार दबाव डालने का आरोप लगाया है।


वीडियो वायरल होने के बाद आरोपी कुछ समय के लिए फरार हो गया था, लेकिन बाद में वह मऊगंज जिले के तिलैया गांव स्थित ससुराल पहुंचा, जहां उसने परिवार को धमकी दी। सूचना मिलने पर पुलिस ने उसे घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।


पुलिस का बयान

रीवा में दर्ज इस मामले के संबंध में सीएसपी राजीव पाठक ने बताया कि आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है और पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति की निजी सामग्री को साझा या फॉरवर्ड न करें। ऐसा करना कानूनन अपराध है और यह पीड़ित की निजता पर गंभीर आघात पहुंचाता है।