रिलायंस इंडस्ट्रीज की नई हायरिंग में 90,000 की कमी, क्या है इसके पीछे का कारण?
रिलायंस इंडस्ट्रीज की हायरिंग में गिरावट
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड न केवल भारत की सबसे बड़ी कंपनी है, बल्कि यह देश के प्रमुख नियोक्ताओं में से एक भी है। वित्त वर्ष 2026 में, कंपनी ने पिछले वर्ष की तुलना में नई भर्तियों में 90,000 की कमी का अनुमान लगाया है। यह कमी तब आई है जब बड़े समूह मौजूदा कर्मचारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में अपस्किल करने और उनके कार्यों को फिर से डिजाइन करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। यह गिरावट एक चिंताजनक प्रवृत्ति को दर्शाती है, खासकर जब AI, वैश्विक संघर्ष, आपूर्ति श्रृंखला संकट और कठिन आर्थिक स्थिति ने कई हायरिंग योजनाओं को प्रभावित किया है।
कर्मचारियों की संख्या में बदलाव
मुकेश अंबानी के नेतृत्व में, रिलायंस ने हाल ही में अपनी वित्तीय रिपोर्ट में बताया कि 31 मार्च, 2026 तक, कंपनी के पास 4.19 लाख से अधिक कर्मचारी थे, जिनमें से 1 लाख से अधिक नए कर्मचारी शामिल थे। AI, डेटा साइंस, ऑटोमेशन और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में विशेष रूप से नई भर्तियाँ की गईं। पिछले वर्ष की तुलना में, यह संख्या में कमी स्पष्ट है। पिछले वर्ष की रिपोर्ट में कहा गया था कि रिलायंस ने वित्त वर्ष 2025 में 1.9 लाख से अधिक नए कर्मचारियों को जोड़ा था।
कर्मचारियों की कमी के कारण
रिपोर्ट के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड में कर्मचारियों की संख्या 74,822 थी, जो पिछले वर्ष की 94,523 की तुलना में लगभग 21 प्रतिशत कम है। एक अधिकारी के अनुसार, कर्मचारियों की कमी का एक कारण रिलायंस जियो के होम बिजनेस में नए करियर विकल्पों का उदय है। मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में भी कर्मचारियों की संख्या में गिरावट आई है।
रिक्रूटर्स की राय
रिक्रूटमेंट फर्म के विशेषज्ञों का मानना है कि नई भर्तियों में कमी के पीछे AI का प्रभाव और जॉब मार्केट की स्थिति भी एक कारण है। उन्होंने कहा कि यह कमी काफी महत्वपूर्ण है। हालांकि, रिलायंस में कुल कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि जारी है।
भविष्य की संभावनाएँ
विशेषज्ञों का अनुमान है कि हायरिंग में कमी का प्रभाव अन्य व्यवसायों पर भी पड़ सकता है। वैश्विक अनिश्चितताओं और AI के उपयोग के कारण, अन्य बड़े समूह भी नई भर्तियों में धीमे हो सकते हैं। कंपनियों को अब कम कर्मचारियों के साथ अधिक काम करने पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
टैलेंट-मैनेजमेंट के जोखिम
रिलायंस की रिपोर्ट में टैलेंट-मैनेजमेंट से जुड़े जोखिमों पर भी चर्चा की गई है। जैसे-जैसे व्यवसाय बढ़ते हैं, कुशल और भविष्य के लिए तैयार टैलेंट की आवश्यकता बढ़ती है। कंपनी ने कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने के ट्रेंड और उत्पादकता के आंकड़ों की समीक्षा करने का निर्णय लिया है।
सीएक्सओ-लेवल की हायरिंग
हालांकि, सीएक्सओ-लेवल की हायरिंग पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ा है। AI के उपयोग से लीडर्स को अपने संगठनात्मक और संचालन मॉडल पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है।
