राहुल गांधी ने सीबीएसई विवाद में युवाओं की प्रशंसा की
सीबीएसई मार्किंग प्रणाली पर विवाद
सीबीएसई की ऑनस्क्रीन मार्किंग प्रणाली को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। हाल ही में झारखंड के रांची निवासी छात्र सार्थक सिद्धांत ने अपने ब्लॉग के माध्यम से इस प्रणाली की गंभीर पड़ताल की, जिसने शिक्षा विभाग की नींव हिला दी है। अब इस मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सार्थक सिद्धांत और उनके मित्र निसर्ग अधिकारी की प्रशंसा की है।
राहुल गांधी की प्रतिक्रिया
राहुल गांधी ने कहा कि इन युवाओं ने सीबीएसई और कोएम्प्ट के बीच की मिलीभगत का पर्दाफाश कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि युवा केवल रील बनाते रहें और पकौड़े तलते रहें, लेकिन सार्थक और निसर्ग ने सरकार से महत्वपूर्ण सवाल उठाए और उनके उत्तर भी खोज निकाले।
सार्थक से मुलाकात का वीडियो साझा
राहुल गांधी ने हाल ही में सार्थक सिद्धांत के साथ अपनी मुलाकात का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किया। सार्थक, जो सीबीएसई की ओएसएम प्रक्रिया से प्रभावित हैं, ने कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए ओएसएम प्रक्रिया में अनियमितताओं की ओर इशारा किया है।
बच्चों की उपलब्धि की सराहना
राहुल गांधी ने कहा, "सार्थक की उम्र भले ही कम है, लेकिन उसकी सोच और साहस में कोई कमी नहीं है। उसने और निसर्ग ने वह काम किया है जो बड़े मीडिया हाउस और खोजी पत्रकार नहीं कर पाए। इन दोनों ने सीबीएसई और कोएम्प्ट के बीच के गठजोड़ को उजागर किया है।" उन्होंने यह भी कहा कि यह युवा सीबीआई से भी तेज निकला है और यह युवाओं की बड़ी जीत है।
युवाओं की शक्ति पर जोर
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने सरकार पर हमला करते हुए कहा, "मोदी जी चाहते हैं कि युवा केवल रील बनाने और पकौड़े तलने में व्यस्त रहें, लेकिन इन बच्चों ने सवाल पूछे और उनके उत्तर भी खोज निकाले।" उन्होंने कहा कि यही भारत की असली युवा शक्ति है, जो जागरूक और जानकार है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अब देश का भविष्य किसी भी बहकावे में नहीं आने वाला।
