राहुल गांधी ने संसद में महिलाओं के महत्व पर जोर दिया
राहुल गांधी ने संसद में महिलाओं के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि वे हमारे जीवन में एक केंद्रीय शक्ति हैं। उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री की टिप्पणियों का संदर्भ देते हुए महिलाओं के योगदान को सराहा। इस विशेष सत्र में तीन विधेयकों पर चर्चा की जा रही है, जिसका उद्देश्य 2029 में विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण को लागू करना है। जानें उनके भाषण की और भी महत्वपूर्ण बातें।
| Apr 17, 2026, 18:05 IST
संसद में महिलाओं के लिए आरक्षण पर चर्चा
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को विशेष सत्र के दौरान चल रही बहस में हल्के-फुल्के अंदाज में अपनी बात रखी। यह सत्र तीन विधेयकों पर विचार करने और मतदान के लिए आयोजित किया गया है, जिसका उद्देश्य 2029 में विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण को शीघ्र लागू करना है। राहुल गांधी ने लोकसभा में अपने संबोधन में कहा कि लगभग हर किसी के जीवन में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान होता है, चाहे वह मां, बहन या पत्नी के रूप में हो।
महिलाओं की केंद्रीय भूमिका
राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि महिलाएं हमारी राष्ट्रीय पहचान और दृष्टिकोण में एक प्रेरक शक्ति हैं। हम सभी ने अपने जीवन में माताओं, बहनों और पत्नियों से बहुत कुछ सीखा है। उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू की एक टिप्पणी का उल्लेख करते हुए कहा कि रीजीजू ने कहा था कि न तो उनके पास और न ही प्रधानमंत्री के पास पत्नी का मुद्दा है, इसलिए हमें उस दृष्टिकोण से प्रतिक्रिया नहीं मिलती। लेकिन हमारी मां और बहनें हैं।
संसदीय कार्य मंत्री की टिप्पणी
दरअसल, नेता प्रतिपक्ष के भाषण से पहले संसदीय कार्य मंत्री ने मजाकिया लहजे में कहा था कि कानून मंत्री (अर्जुन राम मेघवाल) ने सदन में पत्नी को समर्पित कविता पढ़ी, जिसके बाद उन्हें घर में डांट का सामना करना पड़ा। राहुल गांधी ने अपनी बहन प्रियंका गांधी वाद्रा के बृहस्पतिवार के भाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी बहन ने गृह मंत्री अमित शाह को मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया, जबकि वह खुद ऐसा करने में असफल रहे।
