राहुल गांधी ने मोदी पर अमेरिका के प्रभाव का आरोप लगाया

राहुल गांधी ने आज लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अमेरिका के प्रभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मोदी ट्रंप के नियंत्रण में हैं और संसद में बहस करने में असमर्थ हैं। राहुल ने कृषि क्षेत्र पर अमेरिकी प्रभाव और आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि भाजपा आदिवासियों को 'वनवासी' कहकर उनके अधिकारों का हनन कर रही है। इस भाषण में उन्होंने मोदी के वित्तीय संबंधों पर भी सवाल उठाए।
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राहुल गांधी ने मोदी पर अमेरिका के प्रभाव का आरोप लगाया

राहुल गांधी का मोदी पर हमला

आज लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पश्चिम एशिया पर दिए गए भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उन पर अमेरिका का नाम न लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मोदी पूरी तरह से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नियंत्रण में हैं। वडोदरा में आदिवासी अधिकार संविधान सम्मेलन में बोलते हुए, कांग्रेस सांसद ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री संसद में बहस करने में असमर्थ हैं क्योंकि वे समझौता कर चुके हैं।


मोदी का भाषण और अमेरिका का प्रभाव

राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 25 मिनट का भाषण दिया, लेकिन उन्होंने अमेरिका के खिलाफ एक शब्द भी नहीं कहा। उनका आरोप था कि मोदी ट्रंप के प्रभाव में हैं और उनके सामने कुछ नहीं कह सकते। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप ने मोदी को स्पष्ट संदेश दिया है कि अगर वे ज्यादा ऊटपटांग हरकत करेंगे, तो उनके करियर को खतरा हो सकता है।


कृषि क्षेत्र पर अमेरिकी प्रभाव

राहुल ने आगे कहा कि मोदी ने भारत के कृषि क्षेत्र को अमेरिका के लिए खोल दिया है, जिससे भारतीय किसान प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका में बड़े खेत हैं और वहां मशीनों से काम होता है, जबकि भारत में छोटे खेत हैं और लोग हाथ से काम करते हैं। यदि अमेरिका का सामान भारत में आने लगा, तो हमारे किसान बर्बाद हो जाएंगे।


आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा

राहुल ने यह भी कहा कि हमें संविधान की रक्षा करनी चाहिए, क्योंकि यही आदिवासियों, गरीबों और मजदूरों की सुरक्षा का आधार है। उन्होंने कहा कि अगर संविधान खत्म हो गया, तो हमारे पास कुछ नहीं बचेगा।


भाजपा और आदिवासियों का संबंध

उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि उनका पूरा वित्तीय ढांचा अडानी पर निर्भर है। राहुल ने कहा कि भाजपा आदिवासियों को 'वनवासी' कहकर जंगलों को खत्म कर रही है। उनका कहना था कि भाजपा चाहती है कि आदिवासी अपने अधिकारों के लिए न लड़ें और शिक्षा न लें।