राहुल गांधी ने छात्रों की मांगों पर सरकार को घेरा

राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ संवाद करते हुए उनकी तीन प्रमुख मांगों को उठाया। उन्होंने शिक्षा मंत्री को हटाने, लाठीचार्ज में घायल युवाओं को न्याय दिलाने और प्रधानमंत्री मोदी से माफी मांगने की अपील की। राहुल ने सरकार पर छात्रों के खिलाफ क्रूर कदम उठाने का आरोप लगाया और कहा कि मोदी सरकार ने मेट्रो और इंटरनेट बंद कर दिए, लेकिन प्रश्नपत्र लीक को रोकने में असफल रही।
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राहुल गांधी का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन

विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों से मुलाकात के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि छात्रों ने तीन ऐसी मांगें रखी हैं जिन पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि पहली मांग शिक्षा मंत्री को हटाने की है, क्योंकि वे भ्रष्ट और अयोग्य हैं। मोदी सरकार में चर्चा चल रही है कि धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय से हटाकर किसी अन्य मंत्रालय में भेजा जाए, लेकिन छात्रों को यह स्वीकार नहीं है।




राहुल ने कहा कि यह स्थिति किसी के लिए भी स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य को बर्बाद करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसलिए, धर्मेंद्र प्रधान को हटाना अनिवार्य है।




राहुल ने आगे कहा कि दूसरी मांग यह है कि उन युवाओं को न्याय मिलना चाहिए जो लाठीचार्ज में घायल हुए हैं। उन्होंने एक युवक का उदाहरण दिया जिसकी आंख में गोली लगी थी। ऐसे हजारों युवा हैं जो इस हिंसा का शिकार हुए हैं।




तीसरी मांग के तहत, राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी मांगने की अपील की, क्योंकि छात्रों और देश के भविष्य के साथ जो कुछ हुआ है, उसके लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने छात्रों के खिलाफ क्रूर कदम उठाए हैं, जैसे मेट्रो, रास्ते और इंटरनेट बंद करना, लेकिन प्रश्नपत्र लीक को रोकने में असफल रही।




राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा कि सरकार ने छात्रों के हक की मांग करने पर क्रूर कदम उठाए हैं।