राहुल गांधी ने NEET पेपर लीक पर उठाई चिंता, छात्रों की सुरक्षा की आवश्यकता पर जोर

राहुल गांधी ने NEET पेपर लीक के कारण कई परिवारों के दुख पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने छात्रों की सुरक्षा और माता-पिता को न्याय दिलाने के लिए परीक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। रिया नाम की एक छात्रा की आत्महत्या के बाद, गांधी ने इस मुद्दे को संसद में उठाने का आग्रह किया। उनका मानना है कि इस तरह की घटनाएँ किसी और परिवार के साथ नहीं होनी चाहिए। गांधी ने 'छात्रों की गूँज' अभियान के तहत छात्रों की समस्याओं को उजागर करने का भी प्रयास किया है।
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राहुल गांधी का बयान

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि पेपर लीक के कारण कई परिवारों को गहरा दुख सहना पड़ा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और माता-पिता को न्याय दिलाने के लिए परीक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता है। गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में रिया के पिता के साथ अपनी बातचीत का उल्लेख किया, जो एक छात्रा थी जिसने NEET पेपर लीक विवाद के बाद आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने कहा कि यह घटना कई परिवारों के दुख को दर्शाती है। गांधी ने लिखा कि रिया के पिता, राजेश जी, अपनी बेटी को खोने के बाद इतने टूट गए थे कि उनके सामने खड़े हर व्यक्ति की आँखों में आँसू आ गए। यह केवल एक परिवार का दुख नहीं है, बल्कि पेपर लीक ने कई परिवारों से उनके बच्चों को छीन लिया है।


छात्रों की सुरक्षा पर जोर

उन्होंने कहा कि हर नाम के पीछे एक माँ और एक पिता हैं, जिनके लिए अब कोई भविष्य नहीं है। इस प्रणाली को फिर से बनाना होगा ताकि बच्चों को तनाव नहीं, बल्कि सुरक्षा मिले। माता-पिता को उनके त्याग का फल मिलना चाहिए, आँसू नहीं।" यह बात गांधी ने शुक्रवार को देहरादून में अपने 'छात्रों की गूँज' कार्यक्रम के दौरान रिया के पिता से बातचीत के बाद कही। बन्नू स्कूल ग्राउंड में हुई बातचीत के दौरान, रिया के पिता ने अपनी बेटी को खोने का दुख व्यक्त किया और गांधी से संसद में इस मुद्दे को उठाने का अनुरोध किया ताकि किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि मेरी बेटी 3 मई को खुशी-खुशी घर लौटी थी। मैंने उससे परीक्षा के बारे में पूछा, वह बहुत खुश थी, लेकिन जब पेपर लीक की खबर आई, तो उसने मुझे अपने मोबाइल पर वह खबर दिखाई। मैंने उस रिपोर्ट को गलत बताया, लेकिन उसने जोर देकर कहा कि पेपर सच में लीक हुआ था।


पारliament में मुद्दा उठाने की अपील

उन्होंने आगे कहा कि मेरी बेटी के साथ जो हुआ, मैं नहीं चाहता कि वह किसी और के साथ हो। कृपया संसद में यह मुद्दा उठाएँ ताकि किसी और को इसका सामना न करना पड़े। मैं अपनी बेटी के बिना जी नहीं सकता। गांधी ने परीक्षा में गड़बड़ियों और छात्रों की चुनौतियों से संबंधित चिंताओं को उजागर करने के लिए 17 जून को राजस्थान के कोटा से देशव्यापी 'छात्रों की गूँज' अभियान शुरू किया था।