राहुल गांधी को मानहानि मामले में अदालत में पेश होने का आदेश
सुल्तानपुर अदालत का आदेश
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में एक अदालत ने बुधवार को राहुल गांधी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जुड़े मानहानि मामले में पेश होने के लिए बुलाया है। सुल्तानपुर की सांसद-विधायक अदालत ने भाजपा नेता विजय मिश्रा द्वारा दायर इस मामले में विपक्ष के नेता को गवाही देने के लिए तलब किया है। यह मामला आठ साल पुराना है और कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी की अमित शाह पर की गई टिप्पणियों से संबंधित है। मंगलवार को इस मामले की सुनवाई हुई, जिसमें लगभग 40 मिनट तक चर्चा चली। अदालत ने राहुल गांधी को 19 जनवरी को पेश होने का निर्देश दिया है।
जिरह का समापन
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के वकील काशी प्रसाद शुक्ला ने राम चंद्र दुबे से जिरह पूरी कर ली है। वादी के वकील ने अदालत को सूचित किया कि जिरह समाप्त हो चुकी है। अदालत ने आगे की कार्यवाही के लिए 19 जनवरी की तारीख निर्धारित की है। विजय मिश्रा के वकील संतोष कुमार पांडे ने बताया कि राम चंद्र दुबे का बयान पूरा हो चुका है। विजय मिश्रा ने अक्टूबर 2018 में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था।
मानहानि का मामला
यह ध्यान देने योग्य है कि कोतवाली देहात के हनुमानगंज निवासी विजय मिश्रा ने अक्टूबर 2018 में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि अगस्त 2018 में कर्नाटक में चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
अदालती कार्यवाही का इतिहास
इस मामले की अदालती कार्यवाही पिछले पांच वर्षों से चल रही है। दिसंबर 2023 में अदालत ने राहुल गांधी के पेश न होने पर उनके खिलाफ वारंट जारी किया था। इसके बाद, 20 फरवरी 2024 को राहुल गांधी ने अदालत में आत्मसमर्पण किया, जहां विशेष न्यायाधीश ने उन्हें 25,000 रुपये के दो मुचलकों पर जमानत दी। 26 जुलाई 2024 को राहुल गांधी ने अदालत में अपना बयान दर्ज कराया, जिसमें उन्होंने खुद को निर्दोष बताया और इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। राहुल गांधी के बयान के बाद, अदालत ने वादी पक्ष को सबूत पेश करने का निर्देश दिया। तब से लगातार गवाह पेश किए जा रहे हैं। अब तक केवल एक गवाह से जिरह की गई है, जबकि दूसरे गवाह से जिरह मंगलवार को पूरी हो गई।
