राष्ट्रपति मुर्मू के दौरे पर विवाद: ममता बनर्जी और पीएम मोदी की प्रतिक्रियाएं

पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे के दौरान सुरक्षा और प्रोटोकॉल में खामियों को लेकर विवाद गहरा गया है। केंद्रीय गृह सचिव ने इस मामले पर रिपोर्ट मांगी है। राष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अनुपस्थिति पर असंतोष व्यक्त किया, जबकि ममता ने अपनी सफाई दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस घटना को शर्मनाक बताया है। जानें इस राजनीतिक विवाद के पीछे की कहानी और आगामी चुनावों पर इसके प्रभाव।
 | 
राष्ट्रपति मुर्मू के दौरे पर विवाद: ममता बनर्जी और पीएम मोदी की प्रतिक्रियाएं

सुरक्षा प्रोटोकॉल में खामियां

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान सुरक्षा और प्रोटोकॉल में हुई कथित कमियों ने विवाद को जन्म दिया है। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती से इस मामले पर विस्तृत जानकारी मांगी है। केंद्र ने विशेष रूप से चार मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगा है, जिसमें राष्ट्रपति के स्वागत और विदाई के समय मुख्यमंत्री और डीजीपी की अनुपस्थिति, वॉशरूम में पानी की कमी, रास्ते में गंदगी और जिला प्रशासन की जिम्मेदारी शामिल हैं।


राष्ट्रपति का असंतोष

दौरे के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने कार्यक्रमों के प्रबंधन पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उनसे मिलने क्यों नहीं आईं। राष्ट्रपति ने कार्यक्रम स्थल में बदलाव और उपस्थित लोगों की कमी पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा, 'आमतौर पर राष्ट्रपति के आगमन पर मुख्यमंत्री का स्वागत करना चाहिए, लेकिन वे नहीं आईं। शायद राज्य सरकार आदिवासियों की भलाई नहीं चाहती, इसीलिए उन्हें कार्यक्रम में आने से रोका गया।' हालांकि, उन्होंने ममता बनर्जी को अपनी छोटी बहन जैसा भी बताया।


ममता बनर्जी का स्पष्टीकरण

इन आरोपों पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने पहले ही राष्ट्रपति सचिवालय को व्यवस्थाओं की कमी के बारे में सूचित कर दिया था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्वीकृत योजना के अनुसार सिलीगुड़ी के मेयर और जिला मजिस्ट्रेट ने राष्ट्रपति का स्वागत किया था और वह स्वयं उस योजना का हिस्सा नहीं थीं। ममता बनर्जी ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह अपने राजनीतिक लाभ के लिए राष्ट्रपति के पद का दुरुपयोग कर रही है।


प्रधानमंत्री का बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक बताया है। उन्होंने कहा कि एक आदिवासी राष्ट्रपति का इस तरह अपमान करना लोकतंत्र और आदिवासी समुदाय के सशक्तिकरण में विश्वास रखने वालों को दुखी करता है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर है और इसकी गरिमा का सम्मान होना चाहिए।


चुनाव से पहले की राजनीति

बंगाल में आगामी चुनावों को देखते हुए बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। प्रधानमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जब पूरा सिस्टम और केंद्रीय एजेंसियां बंगाल के खिलाफ खड़ी हो जाती हैं, तो बंगाल और भी मजबूती से उनका मुकाबला करता है।