रायसेन में सरकारी गोदाम में सड़ गया हजारों कुंटल गेहूं, 150 करोड़ का नुकसान

मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में सरकारी गोदाम में रखा हजारों कुंटल गेहूं सड़ गया है, जिससे 150 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस मामले में प्रशासन की लापरवाही और मिलीभगत के सवाल उठ रहे हैं। जानें कैसे यह गेहूं सीहोर से रायसेन लाया गया और इसके पीछे की कहानी क्या है।
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रायसेन में गेहूं के सड़ने की घटना

मध्यप्रदेश के रायसेन जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां के सरकारी गोदाम में रखा हजारों कुंटल गेहूं पूरी तरह से सड़ गया है। इस गेहूं की कीमत लगभग 35 करोड़ रुपये बताई जा रही है, लेकिन इसे बचाने के प्रयास में खर्च बढ़कर लगभग 150 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।


सूत्रों के अनुसार, गौहरगंज ओबेदुल्लागंज के ग्राम दिवाटिया के सरकारी गोदाम में लगभग 22 हजार टन गेहूं लंबे समय तक पड़ा रहा। इस खराब होते अनाज को बचाने के लिए करीब 34 बार कीटनाशक का छिड़काव किया गया, लेकिन स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि यह गेहूं पशुओं के चारे के लिए भी अनुपयुक्त हो गया। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस तरह का खराब अनाज स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक हो सकता है। 2022 में सीहोर जिले के बकतरा से इस खराब गेहूं को रायसेन जिले के गोदाम में स्थानांतरित किया गया था।


बड़ा सवाल यह है कि सीहोर जिले के खराब गेहूं को रायसेन में क्यों और किसकी मिलीभगत से स्थानांतरित किया गया। जब 2022 में नूरगंज और दिवटिया के गोदामों में यह गेहूं रखा जा रहा था, तब इसे रखने की अनुमति कैसे दी गई? प्रशासन ने एक जिले से दूसरे जिले के गोदाम में इतनी बड़ी मात्रा में गेहूं को रखने की अनुमति किस दबाव में दी? अब यह सवाल उठ रहा है कि इस बड़े नुकसान का जिम्मेदार कौन है। फिलहाल, अधिकारी इस मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई करने की बात कर रहे हैं.