राम मंदिर में दान-चढ़ावे की सुरक्षा में कड़ी निगरानी
दान-चढ़ावे की निगरानी में नई व्यवस्था
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की जांच के चलते श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास ने श्रद्धालुओं द्वारा किए गए दान-चढ़ावे की निगरानी को और सख्त कर दिया है। न्यास के महंत दिनेन्द्र दास ने शुक्रवार को बताया कि 25 जुलाई से एक नई व्यवस्था लागू की गई है, जिसमें दान के रखरखाव की पूरी प्रक्रिया, जिसमें दान पेटियों को खाली करना और गणना कक्ष में गिनती, सभी चरणों की वीडियोग्राफी की जाएगी।
दास ने कहा कि इस कार्य के लिए एक आठ सदस्यीय निगरानी टीम बनाई गई है, जो 360 डिग्री कैमरों के माध्यम से इस प्रक्रिया को रिकॉर्ड कर रही है। मंदिर परिसर में स्थित लगभग 40 दान पेटियों को एक साथ खाली करने के बजाय अलग-अलग दिनों में खाली किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एक दान पेटी को खाली करने से पहले गणना कक्ष से एक खाली पेटी लाने और उसे सील करने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाती है।
इसके लिए दो पेशेवर वीडियोग्राफर नियुक्त किए गए हैं। दास ने कहा कि निगरानी टीम में दो बैंक कर्मचारी, न्यास के दो प्रतिनिधि, दो निजी सुरक्षा कर्मी और अन्य कर्मचारी शामिल हैं। जब दान से भरी पेटी गणना कक्ष में पहुंचती है, तो भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारी उस पर सील लगाते हैं, जिससे प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ती है।
उन्होंने कहा, 'दान की गणना वाले कक्ष में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अब राम मंदिर में एक पैसा भी इधर से उधर नहीं जा सकता.. सबकुछ सुरक्षित है।' न्यास ने आगे भी इस व्यवस्था में सुधार करने का आश्वासन दिया।
दास ने कहा कि यदि प्रशासन सख्त हो जाए तो चोरी अपने आप रुक जाएगी। न्यास में हाल ही में हुए बदलावों पर उन्होंने कहा कि बैठक में लिए गए सभी निर्णय सभी को स्वीकार होंगे। सावन मास में झूला उत्सव सहित धार्मिक परंपराएं पूर्व की तरह जारी रहेंगी।
राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की घटना के बाद एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और जांच जारी है।
