राम मंदिर दान विवाद: SIT की जांच में नए मोड़
अयोध्या में राम मंदिर के दान के दुरुपयोग के आरोपों की जांच कर रही SIT ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब वह मंदिर के पुजारियों और प्रशासनिक सदस्यों से पूछताछ कर रही है। जांच में दान के फंड के प्रबंधन में अनियमितताओं की आशंका जताई गई है। इस विवाद के चलते राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्रस्ट का समर्थन किया है और जांच में पूरी सच्चाई सामने आने का भरोसा दिलाया है। जानें इस मामले में और क्या हो रहा है।
| Jun 20, 2026, 15:41 IST
जांच का दायरा बढ़ा
अयोध्या में राम मंदिर के लिए प्राप्त दान के दुरुपयोग के आरोपों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी जांच को केवल नकद गिनने की प्रक्रिया तक सीमित नहीं रखा है। अब, टीम मंदिर के पुजारियों और प्रशासनिक सदस्यों से भी पूछताछ कर रही है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने शुक्रवार को अनिल मिश्रा से लगभग तीन घंटे तक सवाल-जवाब किए। जांचकर्ताओं ने पाया कि दान और प्रशासनिक कार्यों के संचालन में मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) का पालन नहीं किया गया है। इसके अलावा, मंदिर परिसर में कार्यरत कई व्यक्तियों को आधिकारिक आदेशों के माध्यम से स्पष्ट जिम्मेदारियां नहीं दी गई थीं। इसके बजाय, कई निर्णय मौखिक निर्देशों पर आधारित थे, जिससे जवाबदेही और निगरानी में समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
मंदिर प्रबंधन की भूमिका पर सवाल
मंदिर प्रबंधन जांच के घेरे में
जांच में दान के फंड के प्रबंधन में संभावित अनियमितताओं के संबंध में गर्भगृह के प्रभारी KD तिवारी की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि राम मंदिर में दान के रूप में प्राप्त करोड़ों रुपये गायब हो गए हैं। उन्होंने न्यायपालिका से इस मामले का संज्ञान लेने और गहन जांच की मांग की। इन आरोपों के बाद सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। अखिलेश यादव ने कहा कि इस विवाद का अयोध्या में धार्मिक पर्यटन पर निर्भर स्थानीय व्यवसायों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है और उन्होंने SIT की जांच के बारे में नियमित अपडेट देने की मांग की है।
योगी आदित्यनाथ का बयान
डोनेशन विवाद पर यूपी के CM योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का समर्थन किया और विपक्षी दलों पर अयोध्या और मंदिर की छवि को खराब करने का आरोप लगाया। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ये दल कभी नहीं चाहते थे कि अयोध्या को महत्व मिले, क्योंकि इनमें खुद ऐसा बदलाव लाने की क्षमता नहीं थी। अयोध्या में विभिन्न कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "अयोध्या, राम मंदिर और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। लोगों को ऐसी साजिशों का शिकार नहीं होना चाहिए।" मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर ही SIT जांच के आदेश दिए गए थे और आश्वासन दिया कि जांच से पूरी सच्चाई सामने आएगी। आदित्यनाथ ने कहा कि ट्रस्ट के अनुरोध पर हमने SIT जांच के आदेश दिए हैं। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि यह जांच पूरी सच्चाई सामने लाएगी। इसमें कोई संदेह नहीं है।
