राम मंदिर चंदा विवाद: ट्रस्ट के दो सदस्यों ने दिया इस्तीफा

राम मंदिर चंदा विवाद के चलते राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है। यह घटनाक्रम तब हुआ जब चंदा चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज की गई और आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इस मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन भी किया गया है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और इसके पीछे की सच्चाई।
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राम मंदिर ट्रस्ट में इस्तीफे की हलचल

राम मंदिर चंदा विवाद के बीच एक महत्वपूर्ण घटना सामने आई है। राम जन्मभूमि ट्रस्ट के दो सदस्यों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इनमें से एक महासचिव चंपत राय हैं, जबकि दूसरे सदस्य अनिल मिश्रा हैं। यह इस्तीफा उस समय आया है जब चंदा चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है और आठ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।


अयोध्या में स्थित राम मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितताओं के चलते श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी पुष्टि पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को की।



पुलिस की कार्रवाई की जानकारी


पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड के लिए फैजाबाद के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में पेश किया जाएगा। अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव ग्रोवर ने कहा कि आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के बाद उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा।



प्राथमिकी की जानकारी


पुलिस सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें रामशंकर यादव, अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव और मनीष कुमार यादव के नाम शामिल हैं। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 23 जून को सरकार को सौंपी गई प्रारंभिक रिपोर्ट में कठोर कार्रवाई की सिफारिश की थी, जिसके आधार पर यह कदम उठाया गया है।


सूत्रों के अनुसार, चोरी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक षड्यंत्र जैसे आरोपों के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। अयोध्या में दान और चढ़ावे की चोरी के मामले के बाद ट्रस्ट ने विशेष जांच की मांग की थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 13 जून को एसआईटी का गठन किया गया।