राज्यसभा में राम मंदिर चढ़ावे चोरी पर हंगामा, बैठक स्थगित
राज्यसभा की बैठक स्थगित
राज्यसभा की बैठक मंगलवार को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई, जब विपक्षी सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर हंगामा किया। कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नकदी और कीमती सामान की चोरी का मुद्दा उठाया, जिस पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध किया। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस के बाद सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने कार्यवाही स्थगित करने का निर्णय लिया।
विपक्ष की मांगें
बैठक की शुरुआत में सभापति ने आवश्यक दस्तावेज सदन में पेश किए और शून्यकाल की घोषणा की। इसी दौरान विपक्षी सदस्य राम मंदिर चढ़ावे चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के बारे में गृह मंत्री के बयान की मांग करने लगे। कुछ सदस्यों ने नेता प्रतिपक्ष को बोलने का अवसर देने की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष का आरोप
सभापति ने नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपनी बात रखने की अनुमति दी। खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा गठित ट्रस्ट के कुछ सदस्यों पर चढ़ावे की चोरी के आरोप हैं और पूछा कि जांच एजेंसियां इस मामले की जांच क्यों नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह ट्रस्ट सरकार द्वारा स्थापित किया गया था और इसे 70 एकड़ भूमि आवंटित की गई थी।
संसदीय कार्य मंत्री का जवाब
खरगे की बात पूरी होने से पहले ही संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बोलने का अवसर लिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष जिस मुद्दे को बार-बार उठाने की कोशिश कर रहा है, उसे सदन में उठाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी इस मुद्दे पर सदन के बाहर भी नाटक कर रही हैं।
द्रमुक का मुद्दा
इस बीच, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के सदस्य तिरुचि शिवा ने तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के पुत्र उदयनिधि स्टालिन की हिरासत का मुद्दा उठाने का प्रयास किया, लेकिन सभापति ने इसे राज्य का विषय बताते हुए संसद में उठाने से मना कर दिया।
विपक्ष का विरोध
रीजीजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने हमेशा भगवान राम का अपमान किया है और राम मंदिर के निर्माण का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि अब ये दल चंदा चोरी के मुद्दे पर नाटक कर रहे हैं। इस पर विपक्षी सदस्यों ने जोरदार विरोध किया, जिसके बाद सदन में हंगामा बढ़ गया। अंततः सभापति ने कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया।
