राज्यव्यापी जन वितरण प्रणाली निरीक्षण अभियान की शुरुआत

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने जन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के लिए एक राज्यव्यापी निरीक्षण अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत, सभी जन वितरण दुकानों का निरीक्षण किया जाएगा, जिससे पात्र लाभार्थियों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न मिल सके। विभाग का उद्देश्य खाद्यान्न वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी और लाभार्थी केंद्रित बनाना है। इस पहल से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र परिवार खाद्यान्न से वंचित न रहे।
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राज्यव्यापी जन वितरण प्रणाली निरीक्षण अभियान की शुरुआत

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का नया कदम

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने शुक्रवार से जन वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता और जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के लिए एक राज्यव्यापी निरीक्षण अभियान की शुरुआत की है। इस संदर्भ में प्रधान सचिव पंकज कुमार ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हर जन वितरण प्रणाली की दुकान का निरीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर निर्धारित मात्रा और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न मिल सके।


 


इस निरीक्षण अभियान के तहत, 29 अगस्त 2025 को विभाग ने "Zero Office Day" घोषित किया। इस दिन, आपूर्ति से जुड़े सभी अधिकारी जैसे उप निदेशक (खाद्य), अपर जिला दंडाधिकारी (आपूर्ति), और अन्य संबंधित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर लगभग 3617 जन वितरण दुकानों का विशेष निरीक्षण करेंगे। इसके बाद, 2 से 9 सितंबर 2025 तक सभी जिलों में बाकी जन वितरण दुकानों का क्रमवार निरीक्षण किया जाएगा।


 


निरीक्षण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए, सभी जिलों के जिला आपूर्ति अधिकारियों को अपने उप निदेशक (खाद्य) के साथ समन्वय स्थापित कर पंचायतवार रोस्टर तैयार करने का निर्देश दिया गया है। इसके अंतर्गत, सभी अधिकारियों को प्रतिदिन कम से कम दो पंचायतों की दुकानों का निरीक्षण करना होगा। इस दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लाभार्थियों को सरकार द्वारा निर्धारित खाद्यान्न की मात्रा और गुणवत्ता पूरी तरह से उपलब्ध हो रही है।


 


खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिला स्तर पर निरीक्षण कार्य की दैनिक निगरानी उप निदेशक (खाद्य) और जिला आपूर्ति अधिकारी करेंगे, जबकि अनुमंडल पदाधिकारी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। इस पूरे अभियान की कड़ी निगरानी विभाग स्तर से की जा रही है।


 


इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य की खाद्यान्न वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, प्रभावी और लाभार्थी केंद्रित बनाना है। विभाग का मानना है कि इस सघन निरीक्षण अभियान से जन वितरण प्रणाली में जवाबदेही और अनुशासन को और मजबूत किया जा सकेगा, जिससे कोई भी पात्र परिवार खाद्यान्न से वंचित न रहे।