राज्यपाल ने टीबी मुक्त बूंदी और नैतिक शिक्षा पर जोर दिया
राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने बूंदी में जिला कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने 'नशामुक्त भारत अभियान' और 'राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम' को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में नैतिक शिक्षा को बढ़ावा देने और युवाओं को नशे से बचाने पर जोर दिया गया। राज्यपाल ने स्वास्थ्य विभाग को टीबी मरीजों की पहचान और उपचार में तेजी लाने के लिए भी निर्देश दिए।
| Jul 29, 2026, 18:29 IST
विकास कार्यों की समीक्षा बैठक
कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ की विकास कार्यों की समीक्षात्मक बैठक
टीबी मुक्त बूंदी बनाने और विद्यार्थियों में नैतिक शिक्षा को बढ़ावा देने के दिए निर्देश
बूंदी। बुधवार को राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने जिला कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ जनहित कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने 'नशामुक्त भारत अभियान' और 'राष्ट्रीय क्षय (टीबी) उन्मूलन कार्यक्रम' को प्रभावी तरीके से लागू करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण के लिए नैतिक शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
बैठक में राज्यपाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने नशामुक्त भारत अभियान को प्राथमिकता दी है। इसकी शुरुआत सरकारी विभागों से होनी चाहिए। सरकारी कर्मचारी मादक पदार्थों का सेवन न करें, ताकि वे आम जनता के लिए आदर्श बन सकें। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि महाविद्यालयों और स्कूलों में शिक्षक इस पर ध्यान दें। विद्यालयों में नियमित रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन होना चाहिए, जिससे विद्यार्थियों का बौद्धिक विकास हो सके।
राज्यपाल ने कहा कि युवा हमारे देश की असली ताकत हैं और उन्हें नशे से बचाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। शिक्षण संस्थानों में नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देकर समाज में नशे की प्रवृत्ति पर नियंत्रण पाया जा सकता है। यह मुहिम केवल स्कूलों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसका प्रचार-प्रसार होना चाहिए। आम जनता की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित की जाए और नारी शक्ति का सहयोग लिया जाए।
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए, राज्यपाल ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि टीबी मरीजों की पहचान जल्द से जल्द की जाए ताकि उनका उपचार तुरंत शुरू हो सके। टीबी को समाप्त करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को 'टीबी मुक्त बूंदी' के लक्ष्य के साथ काम करने का आह्वान किया। डोर-टू-डोर सर्वे और स्क्रीनिंग पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि समय पर इलाज से कई जानें बचाई जा सकती हैं। मरीजों के संपूर्ण उपचार के लिए मुफ्त दवा और 'निक्षय मित्र' के माध्यम से नियमित पोषण किट भी उपलब्ध करवाई जाए। बैठक में राज्यपाल ने नल जल कार्यक्रम की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में जिला कलक्टर हरफूल सिंह यादव, पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर (सीलिंग) रमेश देव सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
