राजा कोलंदर: एक खौफनाक हत्यारे की सच्चाई
राजा कोलंदर की भयानक कहानी
अपराध की दुनिया में कई सीरियल किलर्स का नाम लिया जाता है, लेकिन उत्तर प्रदेश का राजा कोलंदर एक ऐसा नाम है जो आज भी लोगों को डराता है। यह केवल एक हत्यारा नहीं था, बल्कि एक नरभक्षी था जिसने क्रूरता की सभी सीमाएं पार कर दी थीं। राजा कोलंदर, जिसे राम निरंजन के नाम से भी जाना जाता है, की कहानी किसी डरावनी फिल्म से कम नहीं है। वह अपने शिकार के खोपड़ियों को सजाता था और उनके दिमाग का सूप बनाकर पीता था।
इस दरिंदे का खुलासा कैसे हुआ?
राजा कोलंदर की दरिंदगी का सच साल 2000 में सामने आया। लखनऊ के एक समाचार पत्र के पत्रकार मनोज कुमार सिंह अचानक गायब हो गए। पुलिस ने जब जांच शुरू की, तो मनोज के मोबाइल की लोकेशन इलाहाबाद के पास एक व्यक्ति के पास मिली, जिसका नाम राम निरंजन था। जब पुलिस उसके फार्महाउस पर पहुंची, तो वहां का दृश्य देखकर अनुभवी पुलिसकर्मियों के भी पसीने छूट गए। वहां से कई नरकंकाल और इंसानी खोपड़ियां मिलीं।
खोपड़ी का सूप और खौफनाक शौक
राजा कोलंदर की गिरफ्तारी के बाद जो खुलासे हुए, वे चौंकाने वाले थे। उसने स्वीकार किया कि वह अपने शिकार के सिर को धड़ से अलग कर देता था। वह खोपड़ी के ऊपरी हिस्से को काटकर दिमाग को निकालता और उसे उबालकर पीता था। उसका मानना था कि किसी विद्वान के दिमाग का सूप पीने से उसकी खुद की बुद्धि बढ़ेगी। उसने मनोज कुमार सिंह और रवि श्रीवास्तव का अपहरण कर उनकी हत्या की और उनके दिमाग का सूप बनाया।
डायरी में छिपा था मौतों का हिसाब
पुलिस को राजा कोलंदर के पास से एक डायरी मिली, जिसमें उसने उन सभी लोगों के नाम लिखे थे जिनकी उसने हत्या की थी। उसने स्वीकार किया कि उसने लगभग 14 लोगों का कत्ल किया था। वह खोपड़ियों को इकट्ठा करता था और उनके साथ बातें करता था। उसने अपने घर में एक जगह बनाई थी जहां वह खोपड़ियों को लटका कर रखता था और उन्हें अपनी प्रजा मानता था।
मनोज सिंह और रवि श्रीवास्तव की निर्मम हत्या
राजा कोलंदर ने मनोज सिंह की हत्या इसलिए की क्योंकि वह उसके काले कारनामों के बारे में जान गया था। रवि श्रीवास्तव की हत्या भी बेहद क्रूरता से की गई थी। इन दोनों की हत्याओं के बाद उसने उनके शवों को ठिकाने लगाने के लिए उनके टुकड़े-टुकड़े कर दिए थे। लेकिन मोबाइल फोन की तकनीक ने इस नरभक्षी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
क्या राजा कोलंदर अभी जिंदा है?
राजा कोलंदर के मामले की सुनवाई कई वर्षों तक चली। 2012 में इलाहाबाद की विशेष अदालत ने उसे मनोज सिंह की हत्या के मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उसकी क्रूरता को देखते हुए कई लोगों ने उसे फांसी देने की मांग की थी, लेकिन उसे उम्रकैद मिली। वर्तमान में, राजा कोलंदर उत्तर प्रदेश की जेल में अपनी सजा काट रहा है।
मानसिक विकृति का चरम रूप
मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि राजा कोलंदर एक साइकोपैथ था, जिसे लोगों को तड़पते देखने में आनंद आता था। उसे सत्ता और ज्ञान की ऐसी भूख थी जिसने उसे एक दरिंदा बना दिया। उत्तर प्रदेश पुलिस के रिकॉर्ड में यह मामला आज भी सबसे वीभत्स और डरावने केसों में से एक माना जाता है।
