राजस्थान स्वास्थ्य मंत्री की विवादास्पद टिप्पणी से मचा राजनीतिक हंगामा

राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह की एक विवादास्पद टिप्पणी ने राज्य में राजनीतिक हलचल मचा दी है। उन्होंने गर्भवती महिलाओं की बिगड़ती स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या वे गंभीर हालत में अस्पताल पहुंची थीं। इस बयान ने व्यापक आलोचना को जन्म दिया है, खासकर पिछले महीने कोटा में हुई महिलाओं की मौतों के संदर्भ में। मंत्री के दौरे के दौरान अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन भी हुए, जिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ।
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राजस्थान स्वास्थ्य मंत्री की विवादास्पद टिप्पणी से मचा राजनीतिक हंगामा gyanhigyan

राजस्थान में स्वास्थ्य मंत्री की असंवेदनशील टिप्पणी

राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह हाल ही में अपने बयानों के कारण चर्चा में हैं। उन्होंने बीकानेर के PBM अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की बिगड़ती स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा, "क्या ये महिलाएँ गंभीर हालत में अस्पताल पहुंची थीं, या नाचते-गाते आई थीं?" इस टिप्पणी ने राज्य में राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है।


यह टिप्पणी उस समय की गई जब मंत्री अस्पताल के दौरे पर थे और पत्रकारों ने उनसे उन महिलाओं के बारे में पूछा जिनकी स्थिति सिजेरियन डिलीवरी के बाद गंभीर हो गई थी। मंत्री ने मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र वर्मा की ओर इशारा करते हुए कहा, "आप ही बताइए—क्या ये महिलाएँ गंभीर हालत में आई थीं?"


इस बयान ने यह संकेत दिया कि महिलाएँ पहले से ही गंभीर रूप से बीमार थीं, और यह जल्द ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे व्यापक आलोचना हुई। यह विवाद तब सामने आया जब पिछले महीने कोटा के एक मेडिकल कॉलेज में C-सेक्शन डिलीवरी के बाद पांच महिलाओं की मौत हो गई थी।


जांच में अस्पताल की प्रणाली में कई कमियां पाई गईं, जैसे ऑपरेशन के बाद निगरानी की कमी और संक्रमण नियंत्रण में खामियां। PBM अस्पताल में भी C-सेक्शन डिलीवरी के बाद छह महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं का सामना करना पड़ा, जिससे प्रशासन ने मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया।


मंत्री के दौरे के दौरान अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अनिश्चितकालीन धरना दिया, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंत्री की टिप्पणियों को शर्मनाक बताते हुए सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया।