राजस्थान सरकार की कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की पहल

राजस्थान सरकार ने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने और समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की रोकथाम के लिए जागरूकता कार्यक्रम और आत्मरक्षा प्रशिक्षण की योजना बनाई गई है। जानें और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
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मुख्य सचिव का कानून-व्यवस्था पर जोर


जयपुर, 15 जुलाई। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बताया कि राज्य सरकार कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, अपराधों पर नियंत्रण और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है।


मुख्य सचिव ने बुधवार को गृह विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में यह बातें कहीं। उन्होंने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा पूर्व में दिए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए। सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को हर महीने जिला स्तरीय समीक्षा बैठकें आयोजित करने और समन्वय के साथ कार्य करने के लिए कहा गया, ताकि जटिल मामलों का त्वरित समाधान हो सके।


उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों के साथ किसी भी प्रकार की मिलीभगत या अनुचित संरक्षण की शिकायत नहीं आनी चाहिए। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। संगठित अपराध के हॉटस्पॉट की पहचान कर वहां विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। थाना स्तर पर सीएलजी की नियमित बैठकें आयोजित करने की बात भी कही गई।


मुख्य सचिव ने अवैध खनन की रोकथाम के लिए प्रभावी निगरानी और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिलेवार अपराधों की वृद्धि और कमी की रिपोर्ट 15 दिनों में प्रस्तुत की जाए।


पुलिस महानिरीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को नियमित फील्ड विजिट करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों की सक्रिय उपस्थिति से कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण में सुधार होगा।


बैठक में पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि पुलिसिंग को रिएक्टिव के बजाय प्रोएक्टिव होना चाहिए, ताकि समय पर अपराधों की रोकथाम की जा सके। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में अपराध की प्रवृत्ति बढ़ रही है, वहां पुलिस अधीक्षक को नियमित मॉनिटरिंग करनी चाहिए।


महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की रोकथाम के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाने और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों की निगरानी करने की बात कही गई।


बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह विभाग भास्कर ए सावंत, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) वी.के सिंह, और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। जिला कलेक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।