राजस्थान में हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की निगरानी प्रणाली को मजबूत किया जाएगा
राजस्थान में गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए एक नई डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली की शुरुआत की जा रही है। मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य भवन में एक समीक्षा बैठक में हाई रिस्क गर्भवतियों की निगरानी और रेफरल प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस पहल का उद्देश्य मातृत्व सेवाओं को और प्रभावी बनाना है। जानें इस नई प्रणाली के बारे में और कैसे यह गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करेगी।
| Jul 21, 2026, 19:12 IST
गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा के लिए नई पहल
जयपुर। राज्य में मातृत्व सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को स्वास्थ्य भवन में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया। इस बैठक का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं के रेफरल प्रबंधन को डिजिटल माध्यम से सुदृढ़ करना था। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मातृ स्वास्थ्य सेवाओं, हाई रिस्क गर्भवतियों की निगरानी, और प्रसव सुविधाओं की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने पिछले 24 घंटे में विभिन्न सरकारी अस्पतालों में हुए सभी सिजेरियन प्रसवों और हाई रिस्क गर्भवतियों की स्थिति की जानकारी अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों से प्राप्त की। अधिकारियों ने बताया कि इस अवधि में सभी प्रसव सुरक्षित रहे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम को निर्देश दिए कि सभी प्रसूताओं की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए।
बैठक के दौरान, मुख्य सचिव ने जयपुर, चूरू, और झुंझुनूं जिलों की एएनएम से भी संवाद किया। उन्होंने नियमित फॉलोअप, संभावित प्रसव तिथि की निगरानी, और चिकित्सकीय परामर्श के लिए त्वरित रेफरल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आर.एन.टी. मेडिकल कॉलेज द्वारा विकसित ‘सेतु डिजिटल इमरजेंसी हेल्थकेयर सॉफ्टवेयर’ की कार्यप्रणाली की जानकारी लेते हुए, उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने के निर्देश दिए। यह प्रणाली एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे गर्भवती महिलाओं की रियल टाइम ट्रैकिंग और रेफरल प्रबंधन को और प्रभावी बनाया जा सके।
मुख्य सचिव ने अस्पतालों में दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता की समीक्षा की और माइक्रोबायोलॉजी सेवाओं के लिए मानकीकृत प्रोटोकॉल तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सुरक्षित मातृत्व सेवाओं की त्वरित मॉनिटरिंग के लिए राज्य स्तर पर एक कंट्रोल रूम स्थापित करने पर भी जोर दिया। इससे प्रसूताओं की स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा सकेगी।
बैठक में प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री राठौड़ ने अधिकारियों को इस व्यवस्था को शीघ्र लागू करने के निर्देश दिए।
बैठक में मिशन निदेशक एनएचएम, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा, प्रबंध निदेशक आरएमएससीएल, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
