राजस्थान में रहस्यमयी बीमारी से बच्चों की मौत, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

राजस्थान के सलूम्बर जिले में रहस्यमयी बीमारी के कारण पांच दिनों में पांच बच्चों की मौत हो गई है। सभी बच्चों की उम्र 2 से 4 वर्ष थी। स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए निगरानी बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम क्षेत्र में पहुंच गई है। स्थानीय निवासियों में भय का माहौल है, और प्रशासन ने स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कदम उठाए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद बीमारी के कारणों का पता चलेगा।
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राजस्थान में रहस्यमयी बीमारी से बच्चों की मौत, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

राजस्थान के सलूम्बर में बच्चों की रहस्यमयी मौतें

राजस्थान में रहस्यमयी बीमारी से बच्चों की मौत, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

जयपुर। राजस्थान के सलूम्बर जिले के लसाड़िया ब्लॉक के घाटा और लालपुरा गांवों में एक रहस्यमयी बीमारी के कारण पांच दिनों में पांच छोटे बच्चों की मौत ने क्षेत्र में भय का माहौल पैदा कर दिया है। सभी बच्चों की उम्र 2 से 4 वर्ष के बीच थी, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है और पूरे क्षेत्र में निगरानी रखी जा रही है।

मृत बच्चों की पहचान दीपक मीणा (4), सीमा (4), लक्ष्मण मीणा (4), काजल मीणा (2) और राहुल मीणा (4) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, बच्चों में अचानक तेज बुखार, उल्टी, दस्त और कुछ मामलों में ऐंठन के लक्षण दिखाई दिए। उनकी स्थिति तेजी से बिगड़ गई और कुछ ही घंटों में उनकी मौत हो गई। 1 अप्रैल को दीपक और सीमा की मौत हुई, जबकि 5 अप्रैल को अन्य तीन बच्चों ने दम तोड़ दिया।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि बीमारी इतनी तेजी से फैली कि परिवारों को संभलने का समय नहीं मिला। कई बच्चों को इलाज के लिए धरियावाड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। इस घटना के बाद गांवों में डर का माहौल है और लोग अपने बच्चों को लेकर चिंतित हैं।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज से विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम तुरंत सलूम्बर पहुंची है। यह टीम घर-घर जाकर सर्वे कर रही है, बच्चों की स्क्रीनिंग कर रही है और बीमारी के कारणों का पता लगाने के लिए सैंपल एकत्र कर रही है।

मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने इस मामले पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मौतों के कारणों का जल्द पता लगाया जाए और प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जाए। सलूम्बर जिला कलेक्टर ने भी गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और मेडिकल टीम से रिपोर्ट मांगी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, प्रारंभिक जांच में वायरल संक्रमण या मौसमी बीमारी की आशंका जताई जा रही है, लेकिन सटीक कारण रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। एहतियात के तौर पर प्रभावित गांवों और आस-पास के क्षेत्रों में मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं।

ग्रामीणों से अपील की गई है कि यदि बच्चों में बुखार, उल्टी या कोई असामान्य लक्षण दिखें, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। साथ ही साफ-सफाई, सुरक्षित पेयजल, सैनिटाइजेशन और मच्छर नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। फिलहाल कोई नया मामला सामने नहीं आया है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस रहस्यमयी बीमारी की असली वजह सामने आएगी.