राजस्थान में मदरसे की छात्राओं से सेफ्टी टैंक की सफाई कराना गंभीर लापरवाही: गृह राज्यमंत्री
घटना का विवरण
जयपुर: राजस्थान के गृह राज्यमंत्री जवाहरसिंह बेढ़म ने डीग जिले के मीलखेड़ा स्थित मदरसे में छात्राओं से सेफ्टी टैंक की सफाई कराने की घटना को अत्यंत गंभीर और शर्मनाक बताया है। मंत्री ने इस हादसे पर सख्त प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्य नियमों के खिलाफ, निंदनीय और अत्यंत दुखद है।
मंत्री का सख्त बयान
शनिवार को भरतपुर सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए बेढ़म ने कहा,
“अध्ययनरत छात्राओं से सेफ्टी टैंक की सफाई जैसा जोखिमपूर्ण कार्य कराना गंभीर लापरवाही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने घटना को “अत्यंत पीड़ादायक” बताते हुए शोक व्यक्त किया। इस हादसे में एक छात्रा की मृत्यु हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुई हैं। घायल छात्राओं का इलाज अलवर जिले के अस्पताल में चल रहा है।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
बेढ़म ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। अलवर जिला प्रशासन को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। डीग जिला कलक्टर पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता घायल छात्राओं का बेहतर इलाज, उनकी सुरक्षा और उन्हें शीघ्र स्वस्थ कर शिक्षा से पुनः जोड़ना है।
समाज और संस्थानों को चेतावनी
गृह राज्यमंत्री बेढ़म ने मदरसे के संचालकों और समाज से आत्ममंथन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान में बच्चों, विशेषकर छात्राओं से ऐसे जोखिमपूर्ण कार्य कराना पूरी तरह अस्वीकार्य है।
उन्होंने बताया कि मामले में पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और निष्पक्ष जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का संकल्प
मंत्री बेढ़म ने आश्वासन दिया कि सरकार इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी, ताकि भविष्य में किसी भी बच्चे को ऐसी दर्दनाक स्थिति का सामना न करना पड़े।
घटना की पृष्ठभूमि
डीग जिले के मीलखेड़ा मदरसे में छात्राओं को सेफ्टी टैंक की सफाई कराई जा रही थी, जिसमें एक हादसा हो गया। इस घटना ने पूरे राजस्थान में शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा और बच्चों के शोषण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अपडेट
पुलिस जांच जारी है। घायल छात्राओं की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
