राजस्थान में पीएनजी कनेक्शन का विस्तार: 21,240 परिवारों को मिली सुविधा
राज्य में पीएनजी कनेक्शन का तेजी से विस्तार
जयपुर। राज्य की अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम, श्रीमती अपर्णा अरोरा ने निर्देश दिए हैं कि सितंबर के अंत तक 20,000 नए घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (डीपीएनजी) कनेक्शन जारी किए जाएं। उन्होंने घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी पाइपलाइन से जोड़ने पर जोर दिया।
सीजीडी संस्थाओं को ग्राहकों के लिए प्रोत्साहन योजनाएं चलाने के लिए भी कहा गया है, जिससे स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिल सके। पिछले दो महीनों में, 21,240 परिवारों को डीपीएनजी कनेक्शन प्रदान किए गए हैं, और 240 औद्योगिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को प्राकृतिक गैस सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
मंगलवार को सचिवालय में आयोजित एक वर्चुअल बैठक में, श्रीमती अरोरा ने कहा कि जिन क्षेत्रों में पीएनजी आधारभूत संरचना विकसित हो चुकी है, वहां घरेलू और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को कनेक्शन देने के लिए योजनाबद्ध प्रयास करने होंगे।
उन्होंने अवेयरनेस कार्यक्रम चलाने और क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।
श्रीमती अरोरा ने बताया कि अब तक 1,75,000 परिवारों को डीपीएनजी सेवाएं मिल चुकी हैं, और 1,553 औद्योगिक कनेक्शन जारी किए गए हैं। उन्होंने सीजीडी संस्थाओं से डीकम्प्रेशर यूनिट और लिक्विफाइड नेचुरल गैस यूनिट मॉडल पर काम करने का भी आग्रह किया।
प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन, श्री नवीन जैन ने कहा कि जयपुर में सरकारी क्वाटरों में पीएनजी कनेक्शन जारी करने को प्राथमिकता दी जाए।
राजस्थान स्टेट गैस के प्रबंध निदेशक, श्री विनय पाटनी ने बताया कि राज्य में 13 सीजीडी संस्थाएं 17 जियोग्राफिकल एरिया में पीएनजी आधारभूत संरचना विकसित कर रही हैं।
