राजस्थान में पंचायती राज चुनाव 2026 के लिए भाजपा का नया घोषणापत्र

भारतीय जनता पार्टी ने राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनाव 2026 के लिए ग्राम विकास संकल्प पत्र जारी किया है। इस घोषणापत्र में ग्रामीण विकास के लिए कृषि, जल सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, और महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान दिया गया है। भाजपा का लक्ष्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों को केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें आर्थिक और सामाजिक विकास का केंद्र बनाया जाए। घोषणापत्र में कई ऐतिहासिक वादे किए गए हैं, जो राजस्थान के हर गांव को शिक्षित, स्वस्थ, और समृद्ध बनाने का संकल्प लेते हैं।
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भाजपा का ग्राम विकास संकल्प पत्र


जयपुर। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी पंचायती राज चुनाव-2026 के लिए एक विस्तृत चुनावी घोषणापत्र जारी किया है, जिसे ग्राम विकास संकल्प पत्र का नाम दिया गया है। इस घोषणापत्र का मुख्य उद्देश्य 'ग्राम प्रथम - विकसित राजस्थान' का संकल्प है। भाजपा का लक्ष्य है कि राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों को केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास का केंद्र बनाया जाए। इसमें कृषि, जल सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, बुनियादी ढांचे और पंचायत सशक्तिकरण से संबंधित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं.


भाजपा का यह संकल्प पत्र ग्रामीण क्षेत्रों को केवल कृषि पर निर्भर नहीं रहने देगा, बल्कि उन्हें आधुनिक सुविधाओं, रोजगार, डिजिटल कनेक्टिविटी और औद्योगिक अवसरों से जोड़ने का एक व्यापक रोडमैप प्रस्तुत करता है। पार्टी का दावा है कि इन वादों के माध्यम से हर गांव शिक्षित, स्वस्थ, सुरक्षित, स्वच्छ, जलयुक्त और समृद्ध बनेगा.


1. किसान कल्याण और कृषि विकास क्षेत्र


किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को आधुनिक बनाने के लिए संकल्प पत्र में कई प्रमुख वादे किए गए हैं-


आर्थिक सहायता में बढ़ोतरी: पीएम-किसान सम्मान निधि के तहत मिलने वाली वार्षिक राशि को बढ़ाकर 12,000 रुपये करने का वादा किया गया है।


फसलों की सरकारी खरीद और बोनस: गेहूं की खरीद पर न्यूनतम समर्थन मूल्य के ऊपर अतिरिक्त बोनस देकर इसे 2,700 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीदा जाएगा।


ज्वार और बाजरा की एमएसपी पर गारंटीकृत खरीद व्यवस्था लागू होगी।


मक्का की सरकारी खरीद को तीन गुना तक बढ़ाया जाएगा.


कृषि तकनीक और स्टार्टअप्स: 500 करोड़ रुपये के निवेश से राजस्थान एग्रीकल्चर एक्सीलेटर मिशन की शुरुआत होगी, जिससे कृषि स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा।


हर ग्राम पंचायत में कृषि यंत्र किराया केंद्र और जैविक खाद के लिए वर्मीकंपोस्ट इकाइयां स्थापित की जाएंगी.


सिंचाई और इंफ्रास्ट्रक्चर सब्सिडी: 2 लाख किसानों को सिंचाई पाइपलाइन पर तथा 50,000 किसानों को आधुनिक कृषि मशीनों पर सब्सिडी दी जाएगी।


कीटनाशक नियंत्रण के लिए 150 करोड़ रुपये का विशेष पेस्ट कंट्रोल फंड बनाया जाएगा.


फसलों को आवारा पशुओं और प्राकृतिक खतरों से बचाने के लिए 1,000 लाख मीटर बाड़बंदी और 25 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में ग्रीनहाउस/शेड नेट लगाए जाएंगे.


किसान संगठन व पैक्स: प्रत्येक पंचायत समिति में फसल-विशेष किसान उत्पादक संगठन का गठन होगा। इन्हें 20 लाख रुपये की सीधी वित्तीय मदद और 5 करोड़ रुपये तक की क्रेडिट गारंटी दी जाएगी।


सभी प्राथमिक कृषि साख समितियों को बहुउद्देशीय पैक्स में बदला जाएगा.


2. पशुधन, डेयरी और मत्स्य पालन


राजस्थान की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन के महत्व को देखते हुए विशेष कदम उठाए गए हैं:


डेयरी नेटवर्क का विस्तार: राज्य में 20,000 नई डेयरी सहकारी समितियों का गठन होगा और दूध के निर्यात को 1,000 मीट्रिक टन तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है.


पशुधन सुरक्षा व चिकित्सा: 5 लाख अतिरिक्त किसानों को पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ा जाएगा।


राज्य में 100 से अधिक नए बहुउद्देशीय पशु चिकित्सा अस्पताल बनाए जाएंगे।


हर ग्राम पंचायत में चारागाह विकास योजना लागू होगी.


ऊंट संरक्षण व कुक्कुट पालन: राज्य पशु ऊंट के संरक्षण के लिए 100 करोड़ रुपये का ऊंट संरक्षण मिशन शुरू होगा।


मुर्गी पालन (पोल्ट्री फार्मिंग) को बढ़ावा देने के लिए 10 लाख रुपये तक के रियायती ऋण दिए जाएंगे.


3. जल सुरक्षा, सिंचाई और बिजली आपूर्ति


पानी और बिजली को ग्रामीण विकास की रीढ़ मानते हुए संकल्प पत्र में बड़े प्रोजेक्ट्स को शामिल किया गया है:


जल संचयन और हर घर नल: राज्य भर में 1 लाख नई जल संचयन संरचनाएं बनाई जाएंगी।


5 लाख खेतों में ड्रिप और मिनी-स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली लगाई जाएगी।


हर घर नल से जल योजना के तहत 100% ग्रामीण परिवारों तक पीने का शुद्ध पानी पहुंचाया जाएगा.


मेगा जल परियोजनाएं: राम जल सेतु लिंक परियोजना (91,000 करोड़)- इससे 17 जिलों में पेयजल समस्या दूर होगी और 4 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मिलेगी।


यमुना जल परियोजना (34,102 करोड़): शेखावाटी क्षेत्र (सीकर, झुंझुनूं, चुरु) के लिए वरदान साबित होगी.


ब्राह्मणी-राणा प्रताप सागर-बनास लिंक: मध्य और दक्षिणी राजस्थान के कई जिलों की जल आपूर्ति सुनिश्चित करेगा.


कृषि व घरेलू बिजली: किसानों को सभी जिलों में दिन के समय सिंचाई के लिए निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।


प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के जरिए ग्रामीण परिवारों के छतों पर सोलर पैनल लगाकर उनके बिजली बिल को शून्य या बेहद कम करने का प्रयास होगा.


4. ग्रामीण सडक़ें, आवास और बुनियादी ढांचा


गांवों के इंफ्रास्ट्रक्चर को शहरों जैसा आधुनिक बनाने का खाका तैयार किया गया है:


सडक़ कनेक्टिविटी: 100 फीसदी गांवों को पक्की सडक़ों से जोड़ा जाएगा। इसके लिए 19,000 किमी लंबे मिसिंग-लिंक रास्तों को सुधारने हेतु 9,000 करोड़ से अधिक खर्च किए जाएंगे।


प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के अंतर्गत 3,000 किमी से अधिक नई सडक़ों का निर्माण होगा.


पंचायत विकास फंड: अगले 5 वर्षों में प्रत्येक ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के लिए औसतन 5 करोड़ रुपये का बजट खर्च किया जाएगा.


आधुनिक सुविधाएं और आवास: 1,000 से अधिक आबादी वाले गांवों में सार्वजनिक पार्क, ओपन जिम और फूड कोर्ट बनाए जाएंगे।


5,000 से अधिक आबादी वाले बड़े गांवों को व्यापारिक केंद्र मानते हुए वहां आदर्श बाजार विकसित किए जाएंगे.


प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कच्चे मकानों में रहने वाले सभी परिवारों को पक्का मकान मिलेगा। इसके अलावा 25 लाख ग्रामीण भूमिहीन/निवासियों को स्वामित्व पट्टे दिए जाएंगे.


5. रोजगार, महिला सशक्तिकरण और शिक्षा


युवाओं और महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन पर केंद्रित योजनाएं:


युवा रोजगार: सरकारी और निजी क्षेत्रों में मिलाकर ग्रामीण युवाओं के लिए 10 लाख नए अवसरों का सृजन किया जाएगा। बड़े उद्योगों के निवेश से 20-25 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा करने का लक्ष्य है।


एमएसएमई और छोटे उद्यमियों को बेहद कम ब्याज दर पर 10 लाख रुपये तक का ऋण मिलेगा.


महिला सशक्तिकरण (लखपति दीदी योजना): स्वयं सहायता समूहों को 1,000 करोड़ रुपये की सहायता और 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। राज्य की 25 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जाएगा। लखपति दीदियों को मात्र 1.5 प्रतिशत ब्याज पर 1.50 लाख रुपये तक का ऋण मिलेगा।


सौर ऊर्जा क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए 25,000 सोलर दीदियों का एक नया कैडर तैयार किया जाएगा.


डिजिटल व स्कूली शिक्षा: हर पंचायत में अटल ज्ञान केंद्र स्थापित होंगे, जहां हाई-स्पीड इंटरनेट, डिजिटल लाइब्रेरी और करियर गाइडेंस की सुविधा होगी। हर ग्राम पंचायत में कम से कम एक सीनियर सेकेंडरी (उच्च माध्यमिक) स्कूल होगा। स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार के लिए 15,000 स्कूल भवनों का जीर्णोद्धार, 35,000 नई कक्षाएं और 20,000 शौचालय बनाए जाएंगे। 100 करोड़ रुपये के बजट से मिशन पिंक टॉयलेट और मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण होगा.


6. स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत


ग्रामीण नागरिकों के स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण का ध्यान रखा गया है:


स्वास्थ्य सुविधाएं: हर पंचायत में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं, टेलीमेडिसिन (ऑनलाइन डॉक्टर परामर्श) की सुविधा होगी। वन ब्लॉक - वन ब्लड बैंक नीति के तहत हर ब्लॉक स्तर पर ब्लड बैंक स्थापित किया जाएगा.


सामाजिक सुरक्षा और पेंशन: विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं की मासिक पेंशन बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रति माह की जाएगी। वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और निर्माण श्रमिकों की कल्याणकारी बीमा योजनाओं का विस्तार होगा। पीएम मातृ वंदना योजना की सहायता राशि 5,000 रुपये से बढ़ाकर 8,000 रुपये की जाएगी। वरिष्ठ नागरिकों को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए मुफ्त तीर्थ यात्रा कराई जाएगी.


संस्कृति और कला का संरक्षण: 800 करोड़ रुपये के निवेश से क्षेत्रीय विरासत केंद्र बनाए जाएंगे। स्थानीय लोक कलाकारों के लिए राजस्थानी आर्टिस्ट नेटवर्क ऐप और आर्टिस्ट क्रेडिट कार्ड जारी किए जाएंगे। हर पंचायत में समृद्ध राजस्थान मेलों का आयोजन कर स्थानीय कला और संस्कृति को बढ़ावा दिया जाएगा.


7. पंचायतों का प्रशासनिक सशक्तिकरण और शहरी ग्राम अवधारणा


पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए तकनीकी और बुनियादी बदलाव किए जाएंगे:


पंचायतों को अधिकार: राज्य की सभी 14,403 ग्राम पंचायतों को प्रशासनिक, वित्तीय और तकनीकी रूप से अधिक स्वतंत्र और मजबूत बनाया जाएगा। हाल ही में गठित की गई लगभग 3,600 नई पंचायतों के भवन व संसाधनों के विकास को प्राथमिकता मिलेगी.


ई-गवर्नेंस: जाति, मूल निवास, राशन कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेज बनवाने की सेवाएं पंचायत स्तर पर ही डिजिटल रूप से उपलब्ध होंगी.


शहरी ग्राम का विजन: राज्य की पंचायतों को चरणबद्ध तरीके से शहरी ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा।


शहरी ग्राम का अर्थ ऐसे गांव से है जहां गांव की शांति और हरियाली तो होगी, लेकिन सुविधाएं शहरों जैसी होंगी — जैसे पक्की सडक़ें, भूमिगत सीवरेज व्यवस्था, सोलर स्ट्रीट लाइट्स, सीसीटीवी कैमरे, खेल के मैदान, अमृत सरोवर, बेहतर स्कूल और अस्पताल.