राजस्थान में दुल्हन की धोखाधड़ी से जुड़ी चौंकाने वाली घटना
धोखाधड़ी का मामला
राजस्थान के सीकर जिले के दांतारामगढ़ क्षेत्र में एक अनोखा मामला सामने आया है, जिसमें रिश्तों की हत्या और धोखाधड़ी की कहानी है। एक युवक की शादी के सात महीने बाद जब उसके घर में जुड़वा बच्चों का जन्म हुआ, तो उसे यह एक प्राकृतिक घटना नहीं, बल्कि अपनी बर्बादी का संकेत लगा। यह कहानी एक धोखेबाज दुल्हन की है, जिसने अपने अतीत को छिपाकर दूसरी शादी की और पति को धोखा दिया।
पीड़ित युवक पचार गांव का निवासी है। उसने दांतारामगढ़ थाने में अपनी पत्नी और उसके परिवार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उसकी शिकायत के अनुसार, ब्यावर के एक व्यक्ति ने अपनी बेटी विमला (नाम बदला हुआ) को अविवाहित बताकर उसे पेश किया। 20 जनवरी 2025 को रिश्ता तय हुआ और 1 मार्च 2025 को जयपुर में धूमधाम से उनकी शादी हुई। इस शादी का कानूनी पंजीकरण भी कराया गया।
शादी के बाद की घटनाएँ
शादी के कुछ ही दिनों बाद दुल्हन ने अपने असली रंग दिखाना शुरू कर दिया। वह बार-बार मायके जाने की जिद करने लगी। परिवार ने सोचा कि नई बहू को घर में समायोजित होने में समय लगेगा। लेकिन 20 जून को दुल्हन ने एक बड़ा कदम उठाया। उसने अपने मायके में एक शादी समारोह का बहाना बनाकर लाखों रुपये के सोने-चांदी के गहने अपने साथ ले गई और फिर वापस नहीं लौटी।
जुड़वा बच्चों का रहस्य
मामले में नया मोड़ तब आया जब 16 अक्टूबर 2025 को दुल्हन ने दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। शादी के केवल सात महीने बाद बच्चों का जन्म होने से पति के मन में संदेह उत्पन्न हुआ। जब उसने अपनी जांच की, तो उसे पता चला कि उसकी पत्नी की पहली शादी 2016 में राजसमंद में हुई थी।
पुलिस की कार्रवाई
पीड़ित का आरोप है कि यह शादी एक सुनियोजित धोखाधड़ी थी। ससुराल वालों ने जानबूझकर तथ्य छिपाए और लाखों के गहने हड़प लिए। पुलिस ने धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोपों में मामला दर्ज कर लिया है और जांच कर रही है कि इस मामले में और कौन लोग शामिल हैं। इस घटना के कारण इलाके में दुल्हन की धोखाधड़ी की चर्चा जोरों पर है।
