राजस्थान में थ्रेसर मशीन से हुई दर्दनाक दुर्घटना में युवक की मौत

राजस्थान के खैरथल तिजारा में एक युवक की थ्रेसर मशीन से गेहूं निकालते समय दर्दनाक मौत हो गई। मशीन के अचानक चालू होने से युवक अंदर फंस गया, जिससे उसकी जान चली गई। इस हादसे ने वहां मौजूद लोगों को दहशत में डाल दिया। पुलिस और परिजनों ने काफी प्रयास के बाद शव को बाहर निकाला। मृतक के परिवार में उसकी पत्नी और तीन छोटे बच्चे हैं। जानें इस घटना के बारे में और क्या हुआ।
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राजस्थान में थ्रेसर मशीन से हुई दर्दनाक दुर्घटना में युवक की मौत

खैरथल तिजारा में थ्रेसर मशीन का हादसा

राजस्थान में थ्रेसर मशीन से हुई दर्दनाक दुर्घटना में युवक की मौत

राजस्थान के खैरथल तिजारा जिले में एक युवक की थ्रेसर मशीन से गेहूं निकालते समय एक भयानक दुर्घटना हो गई। मशीन को सेट करते समय अचानक यह चालू हो गई, जिससे युवक मशीन के अंदर फंस गया और उसकी जान चली गई। इस हादसे के कारण युवक का शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया, जिसे देखकर वहां मौजूद लोग दहशत में आ गए। कुछ लोग तो बेहोश भी हो गए।

घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस और मृतक के परिजन मौके पर पहुंचे। काफी प्रयास के बाद थ्रेसर मशीन में फंसे शव को बाहर निकाला गया। थ्रेसर के मालिक के भाई लीलू ने बताया कि यह मशीन मुकेश ने अपने ताऊ के बेटे जमशेद से खरीदी थी। घटना के दिन, चकोलिया गांव में संदीप अहीर के खेत में गेहूं की कटाई की जा रही थी, लेकिन मशीन ठीक से काम नहीं कर रही थी।

जमशेद को मशीन को सेट करने के लिए बुलाया गया था। वह अपने भाई शरीफ और साजिद के साथ काम कर रहा था, तभी यह हादसा हुआ। थ्रेसर में फंसने से शरीफ का पूरा शरीर मशीन के अंदर चला गया और उसके शरीर के टुकड़े-टुकड़े हो गए। हादसे को देखकर वहां मौजूद लोग घबरा गए, और जमशेद की तबीयत भी बिगड़ गई, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।

शरीफ के शव के टुकड़े निकालने के लिए थ्रेसर को अस्पताल ले जाना पड़ा। पुलिस की मौजूदगी में देर रात तक मशीन से शरीफ के टुकड़ों को एकत्र किया गया। मृतक शरीफ अपने सात भाई-बहनों में सबसे बड़ा था, और उसके तीन बच्चे हैं। सबसे छोटा बेटा 5 वर्ष, बेटी 7 वर्ष और बड़ा बेटा 8 वर्ष का है।

गौरतलब है कि थ्रेसर का रोटर प्रति मिनट 500 से 700 बार घूमता है, जिससे हाथ या कपड़ा फंसने पर व्यक्ति को अंदर खींच लिया जाता है। मशीन में इमरजेंसी ब्रेक की सुविधा नहीं होती और न्यूट्रल गियर भी तुरंत नहीं लगता। ऐसे में फसल निकालने के लिए मशीन को टॉप गियर में चलाना पड़ता है। दुर्घटना के समय ट्रैक्टर बंद करना ही एकमात्र उपाय होता है, लेकिन तब तक देर हो जाती है।