राजस्थान में टीबी उन्मूलन के लिए राज्यपाल का नया निर्देश
टीबी मुक्त राजस्थान की दिशा में कदम
जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने टीबी मुक्त राजस्थान के लिए पंचायत स्तर पर प्रभावी निगरानी के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच के अनुसार, समाज के सभी वर्गों को इस बीमारी के प्रति फैले डर और भेदभाव को समाप्त करने में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने मरीजों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि टीबी को पूरी तरह समाप्त करने के लिए हर गांव में घर-घर जाकर मरीजों की पहचान की जानी चाहिए।
बागडे ने सोमवार को लोकभवन में टीबी उन्मूलन के लिए जनभागीदारी को मजबूत करने हेतु राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कागज पर नहीं, बल्कि वास्तविकता में टीबी रोगियों के उपचार के प्रयास होने चाहिए।
उन्होंने टीबी मरीजों के समग्र उपचार और उनके पोषण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। बागडे ने कहा कि टीबी मुक्त करने के लिए मन से प्रयास किए जाने चाहिए और जिला कलेक्टरों को मरीजों की पहचान और उनके प्रभावी निदान के लिए जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
राज्यपाल ने टीबी रोगी परिवारों को निक्षय मित्र कीट का वितरण भी किया।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि सभी विभागों की सहभागिता से राजस्थान को टीबी मुक्त करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2030 तक राज्य को पूरी तरह टीबी मुक्त करने का लक्ष्य है।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि भारत के टीबी उन्मूलन के प्रयास विश्व स्तर पर एक मॉडल बन गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि हर टीबी मरीज को प्रभावी चिकित्सा मिले।
अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री कुंजी लाल मीणा ने जनजातीय क्षेत्रों में टीबी मुक्त राजस्थान के प्रयासों की जानकारी दी।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि भारत सरकार ने टीबी मुक्त भारत के अंतर्गत पोषण सहायता राशि को बढ़ाकर एक हजार रुपये कर दिया है।
शहरी स्थानीय निकायों में टीबी मुक्त वार्ड अभियान शुरू करने की योजना बनाई गई है। स्कूलों में टीबी के प्रति जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के आयुक्त राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि जनसंपर्क विभाग द्वारा टीबी मुक्त भारत के प्रति जागरूकता के लिए विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों पर सामग्री प्रकाशित की जा रही है।
