राजस्थान में जनगणना 2027 का पहला चरण: घर-घर जाकर पूछे जाएंगे 33 प्रश्न

राजस्थान में जनगणना 2027 का पहला चरण 16 मई से शुरू होगा, जिसमें 1 लाख 60 हजार प्रगणक घर-घर जाकर 33 प्रश्न पूछेंगे। इस प्रक्रिया में 'स्व-गणना' की सुविधा भी उपलब्ध होगी, जिससे लोग डिजिटल माध्यम से अपनी जानकारी भर सकेंगे। जानें इस महत्वपूर्ण कार्य के बारे में और क्या-क्या जानकारी साझा की जाएगी।
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राजस्थान में जनगणना 2027 का पहला चरण: घर-घर जाकर पूछे जाएंगे 33 प्रश्न gyanhigyan

जनगणना 2027 का पहला चरण


करीब 1 लाख 60 हजार प्रगणक एवं पर्यवेक्षक, घर-घर जाकर पूछेंगे 33 प्रश्न


जयपुर। भारत की जनगणना 2027 का पहला चरण, जिसमें मकान सूचीकरण का कार्य शामिल है, 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी जनगणना कार्य निदेशालय के निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक ने जयपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साझा की। उन्होंने बताया कि इस चरण को पूरी तरह से डिजिटल और सहभागी बनाने के लिए भारत सरकार ने 'स्व-गणना' (Self-Enumeration) की सुविधा शुरू की है। यह पोर्टल 1 मई 2026 से 15 मई 2026 तक डेस्कटॉप या स्मार्टफोन के माध्यम से उपयोग किया जा सकेगा। संबंधित पोर्टल का पता https://se.census.gov.in है।


मल्लिक ने बताया कि स्व-गणना का उद्देश्य उन परिवारों को डिजिटल माध्यम से जानकारी भरने का अवसर प्रदान करना है जो व्यस्त हैं या स्वयं विवरण देना चाहते हैं। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि स्व-गणना के बाद भी प्रगणक द्वारा फील्ड स्तर पर सत्यापन और डेटा जांच की प्रक्रिया अनिवार्य होगी।


राजस्थान में जनगणना 2027 का पहला चरण: घर-घर जाकर पूछे जाएंगे 33 प्रश्न


साइबर सुरक्षा के महत्व पर जोर देते हुए मल्लिक ने आम जनता से कहा कि वे स्व-गणना पोर्टल पर जाने के लिए केवल निर्धारित वेब एड्रेस का उपयोग करें और किसी सर्च इंजन का सहारा न लें। लॉग इन करते समय प्राप्त ओटीपी को किसी के साथ साझा न करें। जनगणना विभाग द्वारा सत्यापन के लिए ओटीपी नहीं मांगा जाएगा।


राजस्थान में जनगणना 2027 के पहले चरण में लगभग 1 लाख 60 हजार प्रगणक और पर्यवेक्षक घर-घर जाकर जनगणना के लिए निर्धारित प्रश्नों का डेटा संग्रह करेंगे। राज्य सरकार ने 29 जनवरी 2026 को पूछे जाने वाले प्रश्नों की अधिसूचना जारी की है।


मल्लिक ने बताया कि मकान सूचीकरण के अंतर्गत सभी भवनों, जनगणना मकानों और परिवारों की पहचान कर उनका व्यवस्थित सूचीकरण किया जाएगा। प्रगणक घर-घर जाकर मकान की स्थिति, परिवार को उपलब्ध सुविधाएँ और परिवार द्वारा धारित संपत्तियों के बारे में महत्वपूर्ण प्रश्न पूछेंगे।


इस प्रक्रिया का उद्देश्य आगामी जनसंख्या गणना के लिए एक विश्वसनीय मास्टर फ्रेम तैयार करना है, ताकि जनगणना के दूसरे चरण में कोई भी व्यक्ति या परिवार गणना से वंचित न रह जाए।


मल्लिक ने बताया कि जनगणना के सफल क्रियान्वयन के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 103 मास्टर ट्रेनर्स का राज्य स्तरीय प्रशिक्षण 7 से 10 अप्रैल 2026 तक होगा। इन मास्टर ट्रेनर्स द्वारा 2550 फील्ड ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा।


जनगणना 2027 को आधुनिक और डिजिटल स्वरूप देने के लिए कई पोर्टल और ऐप विकसित किए गए हैं। CMMS पोर्टल का उपयोग चार्ज अधिकारियों द्वारा जनगणना कार्य की योजना बनाने और डेटा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए किया जाएगा। HLBC वेब पोर्टल का उपयोग मकान सूचीकरण ब्लॉक को जियो टैगिंग करने के लिए किया जाएगा।


मल्लिक ने नागरिकों से अपील की कि वे जनगणना कार्य में शामिल अधिकारियों को सही और तथ्यात्मक जानकारी प्रदान करें। उन्होंने कहा कि नागरिकों को प्रगणक का अधिकृत पहचान पत्र देखने के बाद ही जानकारी साझा करनी चाहिए। जनगणना के दौरान प्राप्त सभी व्यक्तिगत जानकारी गोपनीय रखी जाएगी और केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए उपयोग की जाएगी।