राजस्थान में जन समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री का नया दृष्टिकोण

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जन अभाव अभियोग निराकरण समिति की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह समिति आम जनता की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने में मदद करती है। उन्होंने 181 राजस्थान संपर्क के माध्यम से शिकायतों के निस्तारण की दर 99.17 प्रतिशत तक पहुंचने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने डिजिटल तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देते हुए कहा कि इससे सरकारी सेवाएं नागरिकों तक आसानी से पहुंचाई जा रही हैं। जानें इस कार्यक्रम में और क्या कहा गया।
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जन अभाव अभियोग निराकरण समिति की भूमिका


सेवा के भाव से करें जन अभाव और अभियोग का निराकरण


शिकायत पहुंचाने का सशक्त माध्यम 181 राजस्थान संपर्क,


जन समस्याओं का समग्र निस्तारण 99.17 प्रतिशत तक- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा


जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बताया कि जन अभाव अभियोग निराकरण समिति आम जनता की समस्याओं को सुनकर उन्हें प्रशासन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह समिति न केवल समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को तेज करती है, बल्कि इसकी निगरानी भी करती है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर समिति के सदस्य नागरिकों की समस्याओं को हल करने के लिए सक्रियता से काम करें।


मुख्यमंत्री ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर विभिन्न जिला स्तरीय जन अभाव अभियोग निराकरण समिति सदस्यों के धन्यवाद एवं आभार कार्यक्रम में कहा कि ये सदस्य जनता और प्रशासन के बीच एक मजबूत पुल का काम करते हैं। वे आम जनता के मुद्दों का त्वरित समाधान करते हैं और योजनाओं के कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार जनता के लिए है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर है। इसी सोच के साथ प्रदेश में जनसुनवाई की व्यवस्था को मजबूत किया गया है, जिससे महिला, युवा, किसान और गरीब की समस्याओं का संवेदनशीलता से समाधान किया जा सके। इससे राजस्थान में सुशासन का संकल्प साकार हो रहा है।


मुख्यमंत्री ने बताया कि 181 राजस्थान संपर्क अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति की शिकायतों को राज्य सरकार तक पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम है। जून माह में लगभग 4 लाख 97 हजार नई शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से लगभग 4 लाख 90 हजार का निस्तारण किया गया। अब शिकायतों के निस्तारण की औसत अवधि घटकर केवल 12 दिन रह गई है। 181 के माध्यम से जन समस्याओं का समग्र निस्तारण दर 99.17 प्रतिशत तक पहुंच गई है।


उन्होंने कहा कि आज का युग डिजिटल तकनीक का है। अब प्रदेश के लोग वाट्सएप पर संदेश भेजकर निवास, आय, जाति प्रमाण पत्र सहित कई सरकारी सेवाओं का लाभ घर बैठे उठा सकते हैं। डिजिटल राजस्थान के माध्यम से सुशासन को अधिक सरल, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित राजस्थान का सपना शासन की पारदर्शिता, प्रशासन की जवाबदेही और तकनीक के उपयोग से साकार होगा। इस अवसर पर विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, सांसद मदन राठौड़ और विभिन्न जिलों के समिति के सदस्य उपस्थित थे।