राजस्थान में ओबीसी आरक्षण पर आयोग की रिपोर्ट, स्थानीय चुनावों की राह आसान

राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने ओबीसी आरक्षण पर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है, जिससे आगामी स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में एक महत्वपूर्ण बाधा समाप्त हो गई है। आयोग की सिफारिशों के आधार पर आरक्षण लॉटरी निकाली जाएगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्थानीय चुनावों को समय पर कराने का आश्वासन दिया है। जानें इस रिपोर्ट के महत्व और चुनावी प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी।
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ओबीसी आरक्षण पर आयोग की रिपोर्ट

जयपुर, 6 अगस्त: राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनैतिक प्रतिनिधित्व) आयोग ने पंचायती और नगरीय निकायों में ओबीसी आरक्षण से संबंधित अपनी रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत कर दी है। इससे आगामी स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में एक महत्वपूर्ण बाधा समाप्त हो गई है। आयोग के अध्यक्ष मदनलाल भाटी और उनके सदस्यों ने बुधवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात कर यह रिपोर्ट सौंपी।


रिपोर्ट के आधार पर, ओबीसी आरक्षण के लिए लॉटरी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वार्डों का निर्धारण आयोग की सिफारिशों के अनुसार किया जाएगा। राज्य सरकार अगले कुछ दिनों में आरक्षण के लिए लॉटरी निकालने की योजना बना रही है।


स्थानीय निकाय चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा राज्य चुनाव आयोग द्वारा आरक्षण-लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद की जाएगी। आयोग ने राजस्थान उच्च न्यायालय को इस संभावित समय-सीमा के बारे में जानकारी दी थी। उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय ने नगरपालिका और पंचायत चुनावों में देरी पर असंतोष व्यक्त किया था और ओबीसी आयोग को 5 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था।


न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए आयोग ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय स्तर पर लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, 'हम स्थानीय चुनावों को समय पर कराने के अपने वादे की दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि 'एक राज्य-एक चुनाव' प्रणाली से विकास और जनकल्याण के कार्यों को निरंतर गति मिलेगी।


इससे संसाधनों, समय और धन की बचत होगी।