राजस्थान मंत्रिमंडल ने महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णयों को दी मंजूरी

राजस्थान मंत्रिमंडल ने हाल ही में कई महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णयों को मंजूरी दी है, जिसमें 'एक राज्य, एक चुनाव' की अवधारणा और कृषि विकास से संबंधित नई नीतियों का समावेश है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण और श्रम सुधारों पर भी चर्चा की गई। जानें इस बैठक में और क्या महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
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राजस्थान मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए निर्णय

जयपुर, 7 अगस्त - राजस्थान के मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णयों को स्वीकृति दी। इनमें नगरीय निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के लिए 'एक राज्य, एक चुनाव' की अवधारणा को लागू करना और कृषि तथा औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने वाली नई नीतियों का समावेश है। इसके साथ ही, राज्य सरकार ने राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनैतिक प्रतिनिधित्व) आयोग की सिफारिशों को भी स्वीकार कर लिया है। यह निर्णय मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए थे।


मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में किसानों की आय में वृद्धि कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए राजस्थान कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति-2026 और राजस्थान फूड पार्क विकास नीति-2026 को मंजूरी दी गई। इसके अलावा, पर्यावरण संरक्षण और श्रम सुधारों से संबंधित कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेम चंद बैरवा, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ और संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने मंत्रिमंडल के निर्णयों की जानकारी साझा की।


पटेल ने बताया कि आगामी पंचायती राज और स्थानीय निकाय चुनाव 'एक राज्य-एक चुनाव' की अवधारणा के तहत आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि चुनावों का अलग-अलग समय पर होना विकास कार्यों की गति पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। इसके अलावा, राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनैतिक प्रतिनिधित्व) आयोग की सिफारिशें राज्य सरकार को प्राप्त हो गई हैं। मंत्रिमंडल की बैठक में इन सिफारिशों को स्वीकार करने के साथ ही नगरीय निकाय एवं पंचायत राज अधिनियम में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण का प्रावधान करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।


सिफारिशों के अनुमोदन के बाद अब इन वर्गों के लिए सीटों के आरक्षण की प्रक्रिया लॉटरी के माध्यम से शुरू की जाएगी। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राठौड़ ने बताया कि कृषि और बागवानी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति, 2026 को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही, श्रीअन्न (मिलेट्स) को बढ़ावा देने के लिए 'श्रीअन्न प्रमोशन एजेंसी' की स्थापना की जाएगी।


संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि मंत्रिमंडल ने श्रमिकों के हितों की रक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के सुव्यवस्थित संचालन के लिए राज्य में मजदूरी संहिता (राजस्थान) नियम, 2026 को लागू करने की स्वीकृति दी है। इन नियमों में न्यूनतम मजदूरी और कार्य के घंटों को पारदर्शी तरीके से निर्धारित किया गया है। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने कहा कि राज्य के श्रम ढांचे को सरल और आधुनिक बनाने के लिए राजस्थान औद्योगिक संबंध नियम, 2026 को भी मंजूरी दी गई है।


उन्होंने बताया कि वन क्षेत्र के बाहर हरित क्षेत्र को बढ़ाने के लिए मंत्रिमंडल ने राज्य में ट्री आउटसाइड फॉरेस्ट पॉलिसी को लागू करने की स्वीकृति दी है। इस नीति से बंजर, परती भूमि, रेलवे और सड़कों के आस-पास की भूमि तथा सिंचित भूमि क्षेत्रों में वृक्ष आवरण बढ़ाने में सहायता मिलेगी। मंत्री ने कहा कि राज्य में अक्षय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति, 2024 में संशोधन का भी अनुमोदन किया गया है।