राजस्थान पुलिस की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड: अपराधों में कमी और तकनीकी सुधार

राजस्थान पुलिस ने हाल के छह महीनों में अपराध नियंत्रण और तकनीकी सुधार में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं। डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गंभीर अपराधों में कमी आई है और पुलिसिंग में स्मार्ट तकनीक का उपयोग बढ़ा है। महिला सुरक्षा और साइबर अपराधों के खिलाफ भी ठोस कदम उठाए गए हैं। जानें, राजस्थान पुलिस की नई पहलों और भविष्य की योजनाओं के बारे में।
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राजस्थान पुलिस की नई पहचान


जयपुर: राजस्थान पुलिस ने हाल के समय में अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था और तकनीकी पुलिसिंग में महत्वपूर्ण प्रगति की है। गंभीर अपराधों में कमी, पेपर लीक माफिया के खिलाफ ठोस कार्रवाई, नशा तस्करों और संगठित अपराध के खिलाफ सख्त अभियान, और नए आपराधिक कानूनों का सफल कार्यान्वयन ने प्रदेश की पुलिसिंग को एक नई दिशा दी है। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने सोमवार को राजस्थान पुलिस अकादमी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पिछले छह महीनों की उपलब्धियों का विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि अब राजस्थान पुलिस केवल अपराध के बाद की कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अपराध की रोकथाम और तकनीक आधारित स्मार्ट पुलिसिंग को प्राथमिकता दी जाएगी।


अपराधों में कमी

डीजीपी शर्मा ने मीडिया को बताया कि पुलिस की सजगता और प्रो-एक्टिव पुलिसिंग के कारण 2025 की पहली छमाही और 2026 की समान अवधि की तुलना में इस वर्ष भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज अपराधों में 4.65 प्रतिशत की कमी आई है। 2025 में 99272 मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2026 में यह संख्या घटकर 94652 रह गई। इसके विपरीत, पुलिस की स्वतः स्फूर्त कार्रवाई के कारण स्थानीय और विशेष अधिनियमों के तहत दर्ज मामलों में 4.25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।


अपराधों में बड़ी गिरावट— शर्मा ने बताया कि राज्य में हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती और लूट के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है। पिछले वर्ष की तुलना में हत्या के मामलों में 4.41% की कमी आई है। इसी तरह, अपहरण के मामलों में 4.72% और दुष्कर्म के मामलों में 13.36% की कमी देखी गई है।


संपत्ति संबंधित अपराधों में सुधार

प्रेस कॉन्फ्रेंस में शर्मा ने संपत्ति संबंधी अपराधों में पुलिस की बरामदगी में सुधार को रेखांकित किया। लूट के मामलों में बरामदगी का प्रतिशत 71% से बढ़कर 79.09% हो गया है।


नशे और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए गए अभियानों में भी उल्लेखनीय सफलता मिली है। इस अवधि में आबकारी अधिनियम में 2.06% और आर्म्स एक्ट में 4.23% की वृद्धि दर्ज की गई है।


महिला सुरक्षा और साइबर अपराध

महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित न्याय दिलाने के लिए अनुसंधान की गति को तेज किया गया है। पोक्सो के तहत मामलों में औसत अनुसंधान समय 78.2 दिन से घटकर 51.2 दिन हो गया है।


साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए राजस्थान पुलिस ने व्यापक कार्रवाई की है। साइबर हेल्पलाइन 1930 की क्षमता बढ़ाई गई है और सभी पुलिस जिलों में साइबर पुलिस थाने स्थापित किए गए हैं।


भविष्य की योजनाएँ

महानिदेशक पुलिस शर्मा ने भविष्य की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत बड़े तस्करों की संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।


इसके साथ ही, रंगदारी के लिए गैंगस्टर्स के खिलाफ विशेष ऑपरेशन्स जारी रहेंगे।