राजस्थान के वॉलीबॉल खिलाड़ी की हत्या: एक होनहार करियर का अंत
खिलाड़ी का दर्दनाक अंत
खेल के क्षेत्र में अपने राज्य और देश का नाम रोशन करने का सपना देखने वाले एक युवा खिलाड़ी का अंत बेहद दुखद हुआ है। राजस्थान के भिवाड़ी से 21 वर्षीय मोनू, जो हाल ही में 12वीं कक्षा की परीक्षा में 70% अंक प्राप्त कर चुका था, एक नाबालिग लड़की के साथ रिश्ते के विवाद में फंस गया। आरोप है कि जब वह पुलिस जांच के लिए थाने जा रहा था, तभी लड़की के परिवार ने उसे अगवा कर लिया।
उसके साथ क्रूरता की सारी सीमाएं पार की गईं, उसे तीन दिनों तक एक कमरे में बंद रखा गया, भूखा-प्यासा रखा गया और बेरहमी से पीटा गया। जब उसकी हालत गंभीर हो गई, तो उसे सड़क पर फेंक दिया गया, जहां बाद में अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई। एक उभरते हुए खिलाड़ी का जीवन इस तरह समाप्त होना बेहद दुखद है।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि मोनू की पहचान भिवाड़ी के सैदपुर गांव के निवासी के रूप में हुई है, जबकि लड़की फरीदाबाद की रहने वाली है। मोनू के परिवार की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई है और दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।
लड़की के परिवार ने आरोप लगाया है कि मोनू को अगवा किया गया, उसे तीन दिन तक बंधक बनाकर रखा गया और लगातार पीटा गया। परिवार का कहना है कि उसे अधमरी हालत में फेंका गया था।
मोनू के चाचा नरेंद्र कुमार ने बताया कि मोनू ने राज्य स्तर पर कई वॉलीबॉल पदक जीते थे और हाल ही में 12वीं कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। उन्होंने कहा कि अप्रैल में मोनू के खिलाफ एक नाबालिग लड़की के अपहरण का मामला दर्ज किया गया था, लेकिन लड़की को बाद में बरामद कर लिया गया था।
घटना का विवरण
कुमार ने बताया कि मोनू 17 मई को थाने के लिए घर से निकला था, यह कहते हुए कि पुलिस उससे कुछ सवाल पूछना चाहती है। इसी दौरान लड़की के परिवार ने उसे अगवा कर लिया। 17 से 20 मई तक उसे प्रताड़ित किया गया और फिर उसे घर से बाहर फेंक दिया गया।
कुमार ने कहा, 'हमें उसी दिन पुलिस से सूचना मिली कि मोनू घायल है और उसे अस्पताल ले जाया जा रहा है। हम तुरंत अस्पताल पहुंचे, जहां उसकी मौत हो गई।' फरीदाबाद पुलिस के प्रवक्ता ने कहा कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है।
