राजसमंद में हर्निया ऑपरेशन के बाद महिला की मौत, परिजनों ने किया प्रदर्शन
महिला की मौत का मामला
राजसमंद। कांकरोली के एंजल विंग्स हॉस्पिटल में हर्निया सर्जरी के बाद एक महिला की मृत्यु ने विवाद खड़ा कर दिया है। मृतका के परिवार और स्थानीय निवासियों ने अस्पताल के बाहर चार घंटे तक प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। पुलिस और प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया।
मृतका की पहचान और ऑपरेशन
महिला की पहचान कसनी बाई गुर्जर (लगभग 40-45 वर्ष) के रूप में हुई है, जो पनोतिया गांव की निवासी थीं। परिजनों के अनुसार, उन्हें मंगलवार सुबह हर्निया के ऑपरेशन के लिए भर्ती किया गया था, और शाम को उनका ऑपरेशन किया गया।
परिजनों का आरोप
परिवार का कहना है कि ऑपरेशन के बाद रात में महिला ने सीने में दर्द की शिकायत की। जब उनकी स्थिति बिगड़ गई, तो अस्पताल ने उन्हें उदयपुर रेफर किया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने लापरवाही को छिपाने के लिए उन्हें रेफर किया।
प्रदर्शन और प्रशासन की कार्रवाई
शव रखकर किया प्रदर्शन
गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर धरना दिया। प्रदर्शन लगभग चार घंटे तक चला। सूचना मिलने पर कांकरोली थाना पुलिस और राजसमंद के डीएसपी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला।
प्रशासन की उपस्थिति में अस्पताल प्रबंधन और परिजनों के बीच बातचीत हुई, जिसके बाद सहमति बनने पर प्रदर्शन समाप्त हुआ। परिजनों ने पोस्टमार्टम के लिए अनुमति दी।
जांच की प्रक्रिया
FIR और मेडिकल बोर्ड से होगी जांच
परिजनों ने कांकरोली थाने में इलाज में लापरवाही की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया है। बोर्ड की निगरानी में शव का पोस्टमार्टम किया गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में गंभीर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
अस्पताल प्रबंधन का बयान
अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों से किया इनकार
अस्पताल प्रबंधन ने इलाज में लापरवाही के आरोपों को खारिज किया है। प्रबंधक अशोक कुलदीप ने कहा कि महिला का हर्निया ऑपरेशन सफल रहा था, लेकिन बाद में हृदय संबंधी समस्याओं के लक्षण दिखने पर उन्हें उदयपुर रेफर किया गया।
स्वास्थ्य विभाग की जांच
प्रशासनिक जांच जारी
स्वास्थ्य विभाग भी मामले की जांच कर रहा है। अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड, ऑपरेशन नोट्स, एनेस्थीसिया रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
