राजसमंद में एनडीपीएस मामले में आरोपी को 12 साल की सजा
राजसमंद एनडीपीएस मामला
राजसमंद। 2018 में दिवेर थाना क्षेत्र में पकड़ी गई 124.300 किलोग्राम अवैध अफीम डोडा-चूरा तस्करी के मामले में एनडीपीएस न्यायालय ने महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। न्यायालय ने राजकुमार उर्फ बागड़ी को दोषी ठहराते हुए 12 साल की कठोर कारावास और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। यदि जुर्माना नहीं भरा गया, तो एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विशिष्ट लोक अभियोजक गोपाल कृष्ण जाट ने जानकारी दी कि 5 अप्रैल 2018 को दिवेर थानाधिकारी दिलीप सिंह को सूचना मिली थी कि भेरागुड़ा सरहद मोड़ पर एक सफारी वाहन संदिग्ध स्थिति में खड़ा है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाशी ली, जिसमें वाहन में रखे छह प्लास्टिक के बोरों में अवैध अफीम डोडा-चूरा बरामद हुआ। कुल वजन 124.300 किलोग्राम पाया गया। दिवेर थाना पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अनुसंधान में राजकुमार उर्फ बागड़ी और रामनिवास उर्फ मुन्ना के खिलाफ अपराध प्रमाणित पाए गए। इसके बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप-पत्र प्रस्तुत किया।
14 गवाह और 50 दस्तावेजी साक्ष्य पेश
ड्रग जब्ती मामले की सुनवाई : सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 14 गवाहों के बयान और 50 दस्तावेजी साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए। इन साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी के खिलाफ आरोपों को प्रमाणित माना। विशिष्ट न्यायाधीश एनडीपीएस प्रकरण राजसमंद, सुनील कुमार ओझा ने 3 जून 2026 को निर्णय सुनाते हुए राजकुमार उर्फ बागड़ी को एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/25 के तहत दोषी करार दिया। न्यायालय ने आरोपी को 12 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न अदा करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
सफारी वाहन भी होगा जब्त
न्यायालय का निर्णय : न्यायालय ने यह भी कहा कि सफारी वाहन आरोपी के नाम पर पंजीकृत था और इसे अवैध मादक पदार्थ के परिवहन में उपयोग किया गया था। इसलिए, न्यायालय ने इस वाहन को जब्त करने का आदेश भी दिया है।
