राजनाथ सिंह की किरगिस्तान यात्रा: भारत-चीन रक्षा मंत्रियों की महत्वपूर्ण मुलाकात
भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किरगिस्तान में एससीओ की बैठक में भाग लिया, जहां उन्होंने चीन के रक्षा मंत्री से मुलाकात की। इस मुलाकात में भारत और चीन के बीच एलएसी की स्थिति पर चर्चा हुई। राजनाथ सिंह ने रूस के रक्षा मंत्री से भी बातचीत की, जिससे भारत-रूस के बीच सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया। इस बैठक का महत्व वैश्विक सुरक्षा के संदर्भ में भी है, खासकर जब विश्व के कई हिस्सों में तनाव बढ़ रहा है।
| Apr 28, 2026, 20:34 IST
राजनाथ सिंह की एससीओ बैठक में भागीदारी
भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह वर्तमान में किरगिस्तान की राजधानी बिश्केक में हैं, जहां वे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की रक्षा मंत्रियों की बैठक में शामिल हो रहे हैं। इस दौरे के दौरान, उन्होंने चीन के रक्षा मंत्री डोंग जोन से भी मुलाकात की। इस मुलाकात की जानकारी राजनाथ सिंह ने अपने सोशल मीडिया पर साझा की, जिसमें उन्होंने लिखा कि बिश्केक में एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल जोंग जून के साथ बातचीत करके उन्हें खुशी हुई। हालांकि, इस मुलाकात में हुई बातचीत के विषय में कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस चर्चा में भारत और चीन के बीच संवेदनशील मुद्दे, विशेषकर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की वर्तमान स्थिति पर बात की गई।
भारत-चीन के बीच एलएसी विवाद
भारत और चीन के बीच एलएसी को लेकर विवाद काफी पुराना है, लेकिन हाल के वर्षों में यह विवाद और बढ़ गया है। कई बार तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई है। पिछली एससीओ बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा के बाद दोनों देशों ने डिसंगेजमेंट का निर्णय लिया था, लेकिन दोनों पक्षों द्वारा सतर्कता बरती जा रही है। इस संदर्भ में, रक्षा मंत्रियों के बीच यह बैठक अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके अलावा, राजनाथ सिंह ने रूस के रक्षा मंत्री एंड्राई बेलेसफ से भी मुलाकात की, जिसकी जानकारी उन्होंने अपने पोस्ट में साझा की।
भारत-रूस रक्षा सहयोग
भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग हमेशा से मजबूत रहा है, और इस बैठक में दोनों देशों के बीच राजनीतिक साझेदारी पर चर्चा हुई। राजनाथ सिंह ने इस मुलाकात को शानदार बताया, जो यह दर्शाता है कि भारत अपने पारंपरिक सहयोगियों के साथ संबंधों को मजबूत कर रहा है। बिश्केक में हो रही यह बैठक केवल औपचारिक नहीं है, बल्कि एक ऐसे समय में हो रही है जब विश्व के कई हिस्सों में तनाव बढ़ रहा है, विशेषकर पश्चिम एशिया में। एससीओ जैसे बड़े मंच पर विभिन्न देशों का एक साथ आना और बातचीत करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत वैश्विक शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और आतंकवाद तथा कट्टरवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कायम है।
