राज ठाकरे का भाजपा पर हमला: मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की कोशिशें
राज ठाकरे का बयान
राज ठाकरे, जो महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख हैं, ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि केंद्र और राज्य में ऐसे लोग मौजूद हैं जो मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की इच्छा रखते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ये लोग नगर निगमों पर नियंत्रण प्राप्त कर लेते हैं, तो "मराठी मानुष" कमजोर हो जाएंगे। ठाकरे ने यह बयान शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के साथ एक साक्षात्कार में दिया, जो गुरुवार को एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित हुआ।
राज ठाकरे ने कहा कि वे और उद्धव ठाकरे अपने अस्तित्व के लिए नहीं, बल्कि राज्य में "मराठी मानुष" के अस्तित्व के लिए एकजुट हुए हैं।
साक्षात्कार की मुख्य बातें
यह साक्षात्कार संजय राउत और महेश मांजरेकर द्वारा लिया गया था। दोनों भाइयों ने पिछले महीने बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनावों के लिए गठबंधन की घोषणा की थी। ठाकरे ने कहा कि राज्य के बाहर से लोग केवल आजीविका के लिए नहीं आ रहे हैं, बल्कि वे अपने निर्वाचन क्षेत्र भी बना रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने के प्रयास जारी हैं, जो एक पुराना घाव है। ठाकरे ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वे मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की कोशिश कर रहे हैं।
भाजपा पर आरोप
राज ठाकरे ने कहा कि यदि भाजपा महानगर पालिकाओं पर नियंत्रण कर लेती है, तो मराठी मानुष कुछ नहीं कर पाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि खासकर मुंबई, पुणे, ठाणे, नासिक, मीरा-भयंदर, कल्याण-डोम्बिवली और छत्रपति संभाजीनगर में नगर निकायों पर नियंत्रण आवश्यक है।
उद्धव ठाकरे ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा विकास का दिखावा करती है, लेकिन इससे विनाश होता है। उन्होंने इसे 'बिना योजना के विकास' करार दिया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों का मुंबई की जनता से कोई संबंध नहीं है और वे केवल ठेकेदारों के लिए काम कर रहे हैं।
