रागी में मिलावट: जानें कैसे करें पहचान
रागी: एक सुपरफूड और मिलावट का खतरा
रागी एक ऐसा सुपरफूड है, जिसे सेहत के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। आजकल लोग इसे अपनी डाइट में शामिल कर रहे हैं। इसके फायदों में वजन कम करने, डायबिटीज को नियंत्रित करने और हड्डियों को मजबूत बनाने जैसे गुण शामिल हैं। लेकिन, जो चीज़ लोग हेल्दी समझकर खा रहे हैं, उसमें मिलावट का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। बाजार में कई रागी आटे या दानों में सस्ते अनाज, रंग या खराब गुणवत्ता का पाउडर मिलाने की शिकायतें आम हो गई हैं। इसलिए, केवल पैकेट पर 'ऑर्गेनिक' या 'हेल्दी' लिखा होना ही पर्याप्त नहीं है।
खरीदते समय रागी की शुद्धता की पहचान करना भी आवश्यक है। FSSAI ने रागी में मिलावट की पहचान के लिए कुछ सरल तरीके साझा किए हैं। आइए, जानते हैं कि रागी में किन चीजों की मिलावट होती है और इसे कैसे पहचाना जा सकता है।
रागी में मिलावट के प्रकार
रागी में आजकल मिलावट करने वाले लोग खतरनाक रसायन जैसे रोडामाइन का उपयोग कर रहे हैं। यह एक प्रकार का कृत्रिम रंग है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर कपड़े, कागज या चमड़े को रंगने के लिए किया जाता है। इसे खाद्य पदार्थों में मिलाने की सख्त मनाही है, फिर भी रागी में इसका उपयोग हो रहा है।
मिलावटी रागी के स्वास्थ्य पर प्रभाव
रोडामाइन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक होता है। इसके सेवन से कैंसर पैदा करने वाले तत्व विकसित हो सकते हैं। इसके अलावा, यह लिवर और किडनी को भी नुकसान पहुंचा सकता है। अध्ययन से पता चलता है कि रोडामाइन बी डीएनए को भी नुकसान पहुंचाने का कार्य करता है।
रागी में मिलावट की पहचान कैसे करें
रागी में रोडामाइन की मिलावट की पहचान करने के लिए एक कॉटन बॉल को पानी या वनस्पति तेल में भिगो लें। फिर एक कटोरी में रागी लें और कॉटन बॉल को उसमें डुबोएं। यदि कॉटन बॉल का रंग लाल हो जाता है, तो समझ लें कि रागी में मिलावट की गई है। मिलावटी रागी का सेवन करने से बचें, क्योंकि इससे स्वास्थ्य पर कई नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। खरीदने से पहले यह परीक्षण अवश्य करें और बिना मिलावट वाली रागी का ही सेवन करें।
