रवींद्र चव्हाण का स्पष्टीकरण: विलासराव देशमुख पर टिप्पणी का उद्देश्य स्पष्ट किया

महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख पर की गई अपनी टिप्पणी को लेकर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य देशमुख का अपमान करना नहीं था, बल्कि कांग्रेस की चुनावी रणनीति और भाजपा के विकास कार्यों के बीच अंतर को उजागर करना था। चव्हाण ने लातूर में पार्टी कार्यकर्ताओं के उत्साह का जिक्र करते हुए कहा कि देशमुख का प्रभाव अब शहर में नहीं रहेगा। इस स्पष्टीकरण ने राजनीतिक हलकों में चर्चा को जन्म दिया है।
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रवींद्र चव्हाण का स्पष्टीकरण: विलासराव देशमुख पर टिप्पणी का उद्देश्य स्पष्ट किया

रवींद्र चव्हाण ने दी स्पष्टीकरण

महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख पर की गई अपनी टिप्पणी को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है। यह स्पष्टीकरण अभिनेता रितेश देशमुख की तीखी प्रतिक्रिया के बाद आया। सोमवार को लातूर में एक चुनावी रैली में चव्हाण ने पार्टी की आगामी नगर निगम चुनावों में जीत की संभावनाओं पर विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि लातूर में पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह देखकर यह स्पष्ट है कि विलासराव देशमुख का प्रभाव अब शहर में नहीं रहेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य विलासराव देशमुख का अपमान करना नहीं था। चव्हाण ने कहा, "विलासराव देशमुख एक प्रभावशाली नेता थे और मेरा बयान उनके खिलाफ नहीं था।"


चव्हाण ने बयान का उद्देश्य बताया

चव्हाण ने आगे कहा कि उनके बयान का मकसद कांग्रेस की चुनावी रणनीति को उजागर करना था, जो विलासराव देशमुख की विरासत पर केंद्रित थी। उन्होंने भाजपा की विकास योजनाओं की तुलना में कांग्रेस के एजेंडे को सामने लाने का प्रयास किया। चव्हाण ने कहा, "लातूर में जब मैंने देखा कि कांग्रेस का पूरा अभियान विलासराव देशमुख के नाम पर चल रहा है, तो मैंने यह बयान दिया।" उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा किए गए विकास कार्यों का एक ठोस आधार है।