रमेश चेन्निथला की नाराजगी: केरल के नए मुख्यमंत्री के रूप में वी.डी. सतीशान की घोषणा
वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने वी.डी. सतीशान के केरल के नए मुख्यमंत्री बनने की घोषणा के बाद असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वरिष्ठता को नजरअंदाज किया गया है। हालांकि, उनके करीबी सहयोगियों ने इन दावों का खंडन किया है। कांग्रेस ने सतीशान को मुख्यमंत्री के रूप में नामित किया है, जबकि पार्टी के अन्य नेताओं के साथ चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया। जानें इस राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में और अधिक जानकारी।
| May 14, 2026, 15:31 IST
रमेश चेन्निथला की प्रतिक्रिया
वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने गुरुवार को केरल के नए मुख्यमंत्री के रूप में वी.डी. सतीशान के नाम की घोषणा के बाद अपनी असंतोष व्यक्त की। इस निर्णय ने कई दिनों से चल रही अटकलों और अनिश्चितताओं का अंत किया। सूत्रों के अनुसार, रमेश चेन्निथला राहुल गांधी से फोन आने के बावजूद असंतुष्ट बने रहे। बताया गया है कि वे विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं होंगे और मंत्रिमंडल में शामिल होने की उनकी कोई योजना नहीं है।
सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वरिष्ठता को उचित महत्व नहीं दिया गया है। हालांकि, उनके करीबी सहयोगियों ने इन दावों का खंडन किया और कहा कि चेन्निथला ने हाई कमांड के समक्ष कोई असहमति नहीं जताई है। इससे पहले, कांग्रेस ने वी.डी. सतीशान को केरल का अगला मुख्यमंत्री नामित किया। इस फैसले की जानकारी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई, जिसमें केरल की एआईसीसी प्रभारी दीपा दासमुंसी, पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक अजय माकन और मुकुल वासनिक शामिल थे।
मुख्यमंत्री पद के दावेदार
मुख्यमंत्री पद के लिए तीन प्रमुख दावेदार थे: सतीशान, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला। दासमुंसी ने बताया कि कांग्रेस विधानसभा दल की बैठक 7 मई, 2026 को तिरुवनंतपुरम में हुई थी, जिसमें सर्वसम्मति से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे को राज्य में विधानसभा दल के नए नेता की नियुक्ति का अधिकार देने का प्रस्ताव पारित किया गया। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में, कांग्रेस अध्यक्ष ने कई नेताओं के साथ व्यापक चर्चा की।
निर्णय की पृष्ठभूमि
यह घोषणा राहुल गांधी की खर्गे से लगभग 40 मिनट की मुलाकात के एक दिन बाद आई है, जिसके बाद पार्टी ने कहा कि उच्च कमान की सभी चर्चाएं पूरी हो चुकी हैं। केरल के अगले मुख्यमंत्री का निर्णय 4 मई से लंबित था, जब कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने 140 में से 102 सीटें जीतकर दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल किया था। उल्लेखनीय है कि 140 सदस्यीय केरल विधानसभा में कांग्रेस के 63 विधायक हैं। उनके सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के 22, केरल कांग्रेस (केईसी) के आठ और क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी (आरएसपी) के तीन विधायक हैं।
