रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय वायु सेना अकादमी में स्नातक परेड को संबोधित किया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय वायु सेना अकादमी में आयोजित संयुक्त स्नातक परेड को संबोधित करते हुए आधुनिक युद्ध की बदलती चुनौतियों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अब छोटी ताकतें भी उभरती प्रौद्योगिकियों के माध्यम से युद्धक्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इसके साथ ही, उन्होंने महिला पायलटों की भागीदारी की सराहना की और भारतीय वायु सेना की मानवीय अभियानों में भूमिका को रेखांकित किया। इस संबोधन ने वायु सेना के भविष्य और उसकी रणनीतियों पर महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किए।
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय वायु सेना अकादमी में स्नातक परेड को संबोधित किया gyanhigyan

रक्षा मंत्री का संबोधन

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को भारतीय वायु सेना अकादमी (AFA) में आयोजित संयुक्त स्नातक परेड को संबोधित किया। उन्होंने नए सैन्य अधिकारियों को भविष्य की चुनौतियों के प्रति सचेत करते हुए कहा कि आधुनिक युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब युद्धक्षेत्र में बड़ी महाशक्तियों को पहले जैसी निर्णायक बढ़त नहीं मिलती, क्योंकि नई प्रौद्योगिकियों और रणनीतियों के कारण छोटी ताकतें भी भारी नुकसान पहुंचाने में सक्षम हो गई हैं।


नई चुनौतियों के लिए तैयार रहने की आवश्यकता

सिंह ने कहा कि उभरती प्रौद्योगिकियों ने युद्ध के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया है। उन्होंने बताया कि पहले यह माना जाता था कि बड़ी शक्तियों को युद्धक्षेत्र में बढ़त हासिल होती थी, लेकिन अब छोटी ताकतें भी अपने खतरनाक हथियारों और नई रणनीतियों से नुकसान पहुंचा सकती हैं। उन्होंने सभी को मानसिक रूप से युद्ध के हर स्वरूप के लिए तैयार रहने की सलाह दी।


महिला पायलटों की भूमिका

रक्षा मंत्री ने भारतीय वायु सेना में शामिल होने वाली महिला पायलटों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उनकी भागीदारी से वायु सेना और अधिक शक्तिशाली और संतुलित हुई है, जो समावेशी बल की ताकत को दर्शाता है। इसके अलावा, उन्होंने भारतीय वायु सेना की मानवीय अभियानों में सफलता और संकट के समय विदेशी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में उसकी भूमिका को भी रेखांकित किया।


भारतीय संस्कृति का सम्मान

उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना ने मानवीय अभियानों के दौरान भारतीय संस्कृति और मूल्यों की प्रतिष्ठा को बढ़ाया है।