रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 'ऑपरेशन सिंदूर' पर दी महत्वपूर्ण जानकारी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के महत्व पर प्रकाश डाला, यह बताते हुए कि भारत ने इसे अपनी शर्तों पर समाप्त किया। उन्होंने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का केंद्र बताया और भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमताओं को बढ़ाने की बात की। सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी' की सराहना की और कहा कि भारत अब आतंकवादी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगा। जानें इस महत्वपूर्ण बयान के और भी पहलू।
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ऑपरेशन सिंदूर का महत्व

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को अपनी मर्जी से और अपनी शर्तों पर समाप्त किया था। उन्होंने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का केंद्र बताते हुए एक 'लंबे संघर्ष' के लिए तैयार रहने की बात कही। सिंह ने एक राष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन में यह बयान दिया, जिसमें उन्होंने आतंकवाद की वैचारिक और राजनीतिक जड़ों को समाप्त करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन के दौरान, हमने उन लोगों को निशाना बनाया जो हमारे खिलाफ थे। यह भी स्पष्ट किया कि हमने यह ऑपरेशन इसलिए नहीं रोका क्योंकि हमारी क्षमताएँ कम थीं, बल्कि हमने इसे अपनी इच्छा से समाप्त किया। अगर आवश्यकता होती, तो हम एक लंबे संघर्ष के लिए पूरी तरह तैयार थे।


भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमताएँ

रक्षा मंत्री ने आगे बताया कि भारतीय सशस्त्र बलों ने अपनी क्षमताओं को बढ़ाया है और वे अचानक जरूरत पड़ने पर पूरी तरह से सक्षम हैं। उन्होंने 'सर्ज कैपेसिटी' का उल्लेख किया, जो अचानक जरूरत पड़ने पर अपनी क्षमताओं को बढ़ाने की क्षमता है। यह न केवल पहले से मौजूद थी, बल्कि अब यह पहले से भी अधिक मजबूत है। सिंह ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को एक "टर्निंग पॉइंट" बताया, जिसने यह दिखाया कि भारत आतंकवादी हमलों के जवाब में केवल कूटनीतिक बयानों पर निर्भर नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी' की भी सराहना की, यह कहते हुए कि उनके नेतृत्व में, किसी भी परिस्थिति में आतंकवादी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


नई विश्व व्यवस्था में भारत की भूमिका

'ऑपरेशन सिंदूर' को लगभग एक वर्ष हो चुका है, और यह नई विश्व व्यवस्था का प्रतीक है। यह एक महत्वपूर्ण मोड़ था जिसने दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत अब पुरानी सोच पर नहीं चलता। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में, सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी परिस्थिति में आतंकवादी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।