योगी सरकार ने जलालाबाद का नाम बदलकर भगवान परशुराम पुरी रखा
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने जलालाबाद तहसील का नाम बदलकर भगवान परशुराम पुरी रखने का निर्णय लिया है। इस निर्णय की घोषणा लखनऊ में हुई कैबिनेट बैठक में की गई। साथ ही, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने डॉ. मुखर्जी के योगदान को याद करते हुए जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के विरोध की बात की। जानें इस महत्वपूर्ण निर्णय और डॉ. मुखर्जी की विरासत के बारे में और अधिक।
| Jul 6, 2026, 13:38 IST
जलालाबाद का नया नामकरण
उत्तर प्रदेश में एक और शहर का नाम बदलने का निर्णय लिया गया है। लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कैबिनेट बैठक में जलालाबाद तहसील का नाम बदलने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। अब जलालाबाद का नया नाम 'भगवान परशुराम पुरी' होगा। इस महत्वपूर्ण बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री और राज्य के प्रमुख मंत्री शामिल हुए, जहां इस निर्णय के अलावा कई अन्य योजनाओं को भी मंजूरी दी गई। प्रशासन जल्द ही नाम परिवर्तन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने डॉ. मुखर्जी को एक महान स्वतंत्रता सेनानी और भारत की एकता के समर्थक के रूप में याद किया। आदित्यनाथ ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का योगदान देश की एकता की रक्षा में महत्वपूर्ण था, विशेषकर जम्मू-कश्मीर को मिले विशेष दर्जे के विरोध में। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का नारा 'एक देश में दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं' आज भी प्रासंगिक है।
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 का विरोध
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि डॉ. मुखर्जी ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे के खिलाफ जो अभियान चलाया, उसे 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने अनुच्छेद 370 को समाप्त करके साकार किया। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि जिस बंगाल को डॉ. मुखर्जी ने पाकिस्तान के प्रभाव से बचाया, वही आज भारतीय जनता पार्टी के शासन का हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पश्चिम बंगाल में डॉ. मुखर्जी से जुड़े स्थलों का विकास डबल इंजन सरकार द्वारा किया जा रहा है।
