योगी सरकार का नया महाअभियान: सांस्कृतिक नाटकों के माध्यम से युवाओं को जोड़ने की योजना

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक अनूठे महाअभियान की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य युवाओं को देश के गौरवशाली इतिहास और साहित्य से जोड़ना है। 'भारतेंदु नाट्य अकादमी' द्वारा तैयार की गई इस योजना में 75 जिलों में नाटकों का मंचन किया जाएगा। प्रमुख नाटकों में 'आनंदमठ' और 'महाराजा सुहेलदेव' शामिल हैं। जून 2026 से इस महाअभियान की तैयारियां शुरू होंगी, जिसमें प्रतिभाशाली कलाकारों का चयन और प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह पहल न केवल सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाएगी, बल्कि स्थानीय कलाकारों को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगी।
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योगी सरकार का नया महाअभियान: सांस्कृतिक नाटकों के माध्यम से युवाओं को जोड़ने की योजना gyanhigyan

उत्तर प्रदेश में सांस्कृतिक महाअभियान की शुरुआत

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने नई पीढ़ी को देश के समृद्ध इतिहास, साहित्य और बलिदानियों की कहानियों से परिचित कराने के लिए एक विशेष महाअभियान की योजना बनाई है। इस पहल के तहत, 'भारतेंदु नाट्य अकादमी' ने एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें राज्य के सभी 75 जिलों के स्कूलों, विश्वविद्यालयों, ऐतिहासिक स्थलों, संग्रहालयों और सांस्कृतिक केंद्रों पर बड़े पैमाने पर नाटकों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रदेश के लाखों युवाओं को इस अभियान से जोड़ना है।


योगी सरकार का नया महाअभियान: सांस्कृतिक नाटकों के माध्यम से युवाओं को जोड़ने की योजना
योगी सरकार चलाएगी राष्ट्रचेतना का महाभियान, प्रदेशभर में होगा ‘आनंदमठ’ और ‘महाराजा सुहेलदेव’ नाटकों का भव्य मंचन…


इस सांस्कृतिक परियोजना के अंतर्गत बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की प्रसिद्ध कृति 'आनंदमठ' और 'महाराजा सुहेलदेव' के जीवन पर आधारित नाटकों को प्रमुख शो के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, 'रानी लक्ष्मीबाई', 'वीर शिवाजी महाराज', 'काकोरी ट्रेन एक्शन', '1857 की क्रांति' और 'बिजली पासी' जैसी वीरगाथाओं का भी मंचन किया जाएगा। साहित्यिक और वैचारिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए 'रश्मिरथी', 'मुंशी प्रेमचंद की कृति बड़े भाई साहब', 'अटल बिहारी वाजपेयी', 'वीर सावरकर', 'भारतेंदु हरिश्चंद्र' और 'सूर्यकांत त्रिपाठी निराला' के व्यक्तित्व और कृतियों पर आधारित नाटक भी प्रस्तुत किए जाएंगे। हर नाटक की अवधि लगभग 1 घंटे 50 मिनट से 2 घंटे तक होगी।


जून से शुरू होगी व्यापक तैयारियां


इस महाअभियान को लागू करने के लिए जून 2026 से चरणबद्ध तरीके से कार्य प्रारंभ किया जाएगा। पहले सप्ताह में ऐतिहासिक और साहित्यिक दस्तावेजों पर शोध किया जाएगा, जिसके बाद अनुभवी नाटककार स्क्रिप्ट और संवाद तैयार करेंगे। जून के दूसरे पखवाड़े में प्रदेशभर से प्रतिभाशाली कलाकारों का चयन किया जाएगा, जिन्हें अभिनय, भावाभिनय, संगीत और नृत्य का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।


कार्यक्रम के अनुसार, 25 जून से 25 जुलाई तक कलाकारों की कड़ी रिहर्सल होगी। इसके बाद 2 अगस्त को लखनऊ में पहला भव्य प्रीमियर शो आयोजित किया जाएगा। इसके बाद अगस्त से नवंबर 2026 तक शिक्षण संस्थानों में और दिसंबर 2026 से फरवरी 2027 तक ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों पर ये प्रस्तुतियां दी जाएंगी।


कलाकारों को मिलेगा बड़ा मंच: जयवीर सिंह



इस मेगा प्रोजेक्ट के बारे में उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य प्रदेश के 5 से 10 लाख युवाओं तक सांस्कृतिक पहुँच बनाना है। उन्होंने बताया कि शहीद स्थलों, प्रेक्षागृहों और प्रमुख शहरों में होने वाले ये मंचन देशप्रेम और सांस्कृतिक एकता की भावना को मजबूत करेंगे। इसके साथ ही, यूपी के स्थानीय कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर का मंच मिलेगा और भारतीय रंगमंच को नई ऊंचाई मिलेगी। बाहरी राज्यों की प्रमुख नाट्य मंडलियों को भी आमंत्रित किया जाएगा, जिसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 20 जून 2026 निर्धारित की गई है।