योगी सरकार का दिवाली से पहले किसानों के लिए राहत पैकेज

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने दिवाली से पहले किसानों और आपदा प्रभावित परिवारों के लिए राहत की नई योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत फसल नुकसान पर मिलने वाली सहायता राशि में 25 से 30 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जिससे लाखों किसानों को लाभ होगा। इसके अलावा, प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वालों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता को दोगुना किया गया है। जानें इस योजना के तहत किसानों, पशुपालकों और रेशम किसानों को मिलने वाली नई सहायता राशि के बारे में।
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लखनऊ में राहत की घोषणा


उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने दिवाली से पहले किसानों और आपदा प्रभावित परिवारों के लिए महत्वपूर्ण राहत की घोषणा की है। प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए राहत राशि के मानकों में बदलाव किया गया है। इस बदलाव के तहत फसल नुकसान पर मिलने वाली सहायता राशि में 25 से 30 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जिससे 10 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलने की संभावना है।


आपदा में जान गंवाने वालों के लिए सहायता

योगी सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वाले व्यक्तियों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता को दोगुना कर दिया है। पहले यह राशि 4 लाख रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दिया गया है।


सरकार का उद्देश्य आपदा प्रभावित परिवारों को आर्थिक संकट से उबारना है।


किसानों के लिए मुआवजा राशि

फसल नुकसान की भरपाई के लिए सहायता राशि को विभिन्न श्रेणियों में बढ़ाया गया है। नई दरें निम्नलिखित हैं:



































फसल या कृषि भूमि का नुकसान पहले की सहायता नई सहायता
सिंचित क्षेत्र में फसल नुकसान ₹17,000 ₹22,000 प्रति हेक्टेयर
असिंचित क्षेत्र में फसल नुकसान ₹8,500 ₹11,000 प्रति हेक्टेयर
बारहमासी फसल और कृषि वानिकी ₹22,500 ₹30,000 प्रति हेक्टेयर
खेत से गाद हटाने के लिए ₹18,000 ₹23,000 प्रति हेक्टेयर
भूस्खलन से कृषि भूमि का नुकसान ₹47,000 ₹60,000 प्रति हेक्टेयर


इन परिवर्तनों से प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल बर्बाद होने वाले किसानों को पहले से अधिक सहायता मिलेगी।


पशुपालकों के लिए राहत

योगी सरकार ने पशुधन के नुकसान पर मिलने वाली सहायता राशि में भी वृद्धि की है।



  • बड़े पशुओं की मौत पर सहायता राशि ₹40,000 से बढ़ाकर ₹50,000 कर दी गई है।

  • बकरी, भेड़ और सूअर जैसे छोटे पशुओं के लिए सहायता ₹4,000 से बढ़ाकर ₹5,500 की गई है।

  • घोड़े और खच्चर जैसे भार ढोने वाले पशुओं पर सहायता ₹20,000 से बढ़ाकर ₹25,400 कर दी गई है।

  • मुर्गीपालन करने वालों को प्रति पक्षी ₹100 की जगह ₹130 की सहायता मिलेगी।


इस निर्णय से किसानों के साथ-साथ पशुपालन और मुर्गीपालन से जुड़े लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।


रेशम किसानों के लिए सहायता

सरकार ने रेशम उत्पादन करने वाले किसानों के लिए भी राहत देने का निर्णय लिया है। एरी, शहतूत और टसर रेशम उत्पादन में नुकसान होने पर अब ₹6,000 की जगह ₹7,800 प्रति हेक्टेयर सहायता मिलेगी।


मूगा रेशम उत्पादन में नुकसान होने पर सहायता राशि ₹7,500 से बढ़ाकर ₹9,800 प्रति हेक्टेयर कर दी गई है।


मकान और स्कूलों को नुकसान पर सहायता

प्राकृतिक आपदा में मकान क्षतिग्रस्त होने पर भी सहायता राशि के नए मानक तय किए गए हैं। मैदानी क्षेत्रों में पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकान के लिए 1.85 लाख रुपये और पहाड़ी क्षेत्रों में 2.06 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया है।


इसके अलावा, आपदा में क्षतिग्रस्त प्राथमिक स्कूलों की मरम्मत के लिए अधिकतम 15.50 लाख रुपये और माध्यमिक स्कूलों, इंटर कॉलेजों तथा पॉलिटेक्निक संस्थानों के लिए 26 लाख रुपये तक की सहायता निर्धारित की गई है।


नए नियमों का प्रभाव

सरकार के संशोधित राहत मानकों के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से 4 नवंबर 2026 तक हुए नुकसान की भरपाई भी नई दरों के आधार पर की जाएगी। यह सहायता राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (NDRF) के नियमों के तहत निर्धारित पात्रता के अनुसार दी जाएगी।


योगी सरकार के इस निर्णय से किसानों, पशुपालकों और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद है।