योगी आदित्यनाथ ने ‘प्रारंभिक उत्तर भारत व इसके सिक्के’ पुस्तक का विमोचन किया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘प्रारंभिक उत्तर भारत व इसके सिक्के’ पुस्तक का विमोचन किया, जिसे भारत की लोकतांत्रिक चेतना और सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण दस्तावेज माना गया है। इस पुस्तक में प्राचीन सिक्कों के माध्यम से भारत की ऐतिहासिक और व्यापारिक स्थिति को दर्शाया गया है। आदित्यनाथ ने मौर्य काल को भारत का स्वर्ण युग बताते हुए उस समय की अर्थव्यवस्था पर भी प्रकाश डाला।
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मुख्यमंत्री का विमोचन समारोह

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को ‘प्रारंभिक उत्तर भारत व इसके सिक्के’ नामक पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने इसे भारत की लोकतांत्रिक चेतना और प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया।


यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री के सरकारी आवास के सभागार में आयोजित हुआ, जहां हिंदुजा फाउंडेशन द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक का विमोचन किया गया। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने फाउंडेशन द्वारा संग्रहित दुर्लभ और प्राचीन सिक्कों का भी अवलोकन किया।


योगी आदित्यनाथ ने कहा, “भारत ने हमेशा अपनी सनातन संस्कृति और ऐतिहासिक प्रमाणों को महत्व दिया है। यह पुस्तक भारत की लोकतांत्रिक चेतना, ऐतिहासिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को प्रमाणों के साथ प्रस्तुत करती है, जो पश्चिमी दुष्प्रचार का तथ्यात्मक उत्तर है।”


उन्होंने आगे कहा कि यदि कोई लोकतंत्र के बारे में जानना चाहता है, तो उसे भारत से सीखना चाहिए। आदित्यनाथ ने बताया कि पुस्तक में अयोध्या, मथुरा, कौशाम्बी, काशी और पांचाल जैसे क्षेत्रों के सिक्के उस समय की ऐतिहासिक और व्यापारिक स्थिति को दर्शाते हैं। भारत ने हमेशा तथ्य और साक्ष्य के साथ अपनी बात रखी है, जबकि पश्चिमी देशों ने लोकतंत्र को अपने योगदान के रूप में प्रस्तुत कर इतिहास को विकृत करने का प्रयास किया है।


मुख्यमंत्री ने मौर्य काल को भारत का स्वर्ण युग बताते हुए कहा कि उस समय भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी 46 प्रतिशत थी, जो 15वीं सदी तक 24 प्रतिशत रही। लेकिन विदेशी शासकों के शोषण के कारण स्वतंत्रता के समय यह घटकर 1.5 से 2 प्रतिशत रह गई।