योगी आदित्यनाथ ने स्किल डेवलपमेंट पर जोर दिया, राम मंदिर विवाद पर की टिप्पणी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्किल डेवलपमेंट मिशन के तहत प्रशिक्षित युवाओं के सम्मान समारोह में भाग लिया। उन्होंने साझा भविष्य के लिए अवसरों के महत्व पर जोर दिया और 2017 से पहले की शिक्षा व्यवस्था की आलोचना की। इसके साथ ही, राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की घटना पर भी उन्होंने अपनी राय रखी, जिसमें उन्होंने इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की निंदा की। योगी ने पूर्व सरकारों की नीतियों पर भी सवाल उठाए, जो धार्मिक त्योहारों पर प्रतिबंध लगाती थीं। जानें उनके विचार और राज्य की स्थिति के बारे में।
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योगी आदित्यनाथ का स्किल डेवलपमेंट मिशन पर जोर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में स्किल डेवलपमेंट मिशन और ITI के तहत प्रशिक्षित युवाओं के सम्मान समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि साझा भविष्य तभी संभव है जब अवसरों को साझा किया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि जब सरकार की सोच सकारात्मक होती है, तभी अवसरों का वितरण संभव होता है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने 2014 में कौशल विकास मंत्रालय की स्थापना की।


राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर योगी की चिंता

योगी ने आगे कहा कि 2017 से पहले, राज्य सरकार ने युवाओं के लिए शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर दिया था। उस समय, कौशल विकास के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए थे और सरकारी नौकरियों पर एक ही परिवार का वर्चस्व था। उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पहले सरकारी नौकरी पर एक खानदान का अधिकार था, लेकिन अब युवाओं को अपने राज्य में काम करने का अवसर मिल रहा है।


राम मंदिर विवाद पर मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की घटना पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इस घटना ने राम भक्तों की आस्था को ठेस पहुंचाई है, लेकिन इसे राजनीतिक मुद्दा बनाना उचित नहीं है। उन्होंने विपक्षी दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी, पर आरोप लगाया कि वे आस्था से जुड़े मुद्दों का राजनीतिकरण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट एक स्वतंत्र संस्था है और सरकार को इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।


गिरफ्तारी और नैतिक जिम्मेदारी

योगी ने बताया कि चोरी की घटना में शामिल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो अन्य को भी हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि इस घटना का उपयोग अयोध्या और हिंदुओं की आस्था को बदनाम करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।


पूर्व सरकारों की नीतियों पर योगी की आलोचना

योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के शासन में धार्मिक त्योहारों पर प्रतिबंध लगाया गया था। उन्होंने कहा कि जो लोग आज आस्था की बात कर रहे हैं, उन्होंने पहले धार्मिक परंपराओं के खिलाफ काम किया था।