योगी आदित्यनाथ ने पुलिस रेडियो नेटवर्क को आधुनिक बनाने के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की पुलिस व्यवस्था को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस रेडियो विभाग को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुलिस की संचार गतिविधियों की गोपनीयता को प्राथमिकता देने की बात कही और सभी थानों की सीसीटीवी फुटेज की लाइव मॉनिटरिंग के लिए केंद्रीय डैशबोर्ड विकसित करने का आदेश दिया। बैठक में संचार उपकरणों की खरीद और डिजिटल वायरलेस सेवाओं की योजना पर भी चर्चा हुई। जानें इस महत्वपूर्ण बैठक में और क्या-क्या निर्णय लिए गए।
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योगी आदित्यनाथ ने पुलिस रेडियो नेटवर्क को आधुनिक बनाने के निर्देश दिए gyanhigyan

पुलिस व्यवस्था में तकनीकी सुधार की आवश्यकता

लखनऊ, 24 मई: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की पुलिस प्रणाली को और अधिक सुरक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए पुलिस रेडियो विभाग को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। रविवार को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की लोकेशन, मूवमेंट और संचार गतिविधियों की गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए, और इसमें किसी भी प्रकार की तकनीकी सेंधमारी की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस रेडियो नेटवर्क को अत्याधुनिक तकनीकों से सुसज्जित किया जाए और दूरदराज के क्षेत्रों में निर्बाध संचार सुनिश्चित किया जाए।

योगी आदित्यनाथ ने पुलिस रेडियो नेटवर्क को आधुनिक बनाने के निर्देश दिए
'कोई समझौता नहीं होगा, हर जरूरी तकनीकी सुधार करें...' CM योगी ने पुलिस रेडियो नेटवर्क को लेकर दिया कड़ा निर्देश

मुख्यमंत्री ने सभी पुलिस थानों की सीसीटीवी फुटेज की लाइव मॉनिटरिंग के लिए एक केंद्रीय डैशबोर्ड विकसित करने का निर्देश दिया। इससे कानून व्यवस्था की निगरानी अधिक प्रभावी और पारदर्शी होगी।

उन्होंने विभागीय ढांचे को और मजबूत करने के लिए निर्देश दिए। इस संदर्भ में, पूर्वी क्षेत्र के लिए डीआईजी रेडियो का मुख्यालय आजमगढ़ और पश्चिमी क्षेत्र के लिए अलीगढ़ में स्थापित करने पर विचार किया गया। इसके साथ ही, रेडियो कर्मियों की चरित्र पंजिका को संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों के माध्यम से सत्यापित करने और वायरलेस सेटों के तकनीकी परीक्षण को सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई।

बैठक में बताया गया कि पिछले वित्तीय वर्ष में संचार उपकरणों की खरीद के तहत थानों के लिए 275 फ्लैट बेस मास्ट, 5322 बैटरियां, 120 बैकपैक सेट और अन्य सहायक उपकरण खरीदे गए। आधुनिकीकरण योजना के तहत 50 पीए सिस्टम भी स्थापित किए गए। रिवर्स ऑक्शन प्रक्रिया अपनाने से उपकरणों की खरीद में लगभग 1.23 करोड़ रुपये की बचत हुई।

वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 47 करोड़ रुपये की लागत से 12 जनपदों में डिजिटल वायरलेस सेवाएं शुरू करने की योजना है। इसके अलावा, मापक उपकरण, पोर्टेबल संचार के लिए 5जी फिल्टर, दूरस्थ थानों के लिए सेल्फ सपोर्टेड मास्ट और पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के लिए हैंड हेल्ड वायरलेस संचार व्यवस्था विकसित करने का प्रस्ताव है।

मुख्यमंत्री ने विभागीय मानव संसाधन प्रबंधन को तकनीक आधारित बनाने पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि सभी कर्मचारियों का डेटा मानव सम्पदा पोर्टल पर अद्यतन किया जाए और चरित्र पंजिका, अवकाश और अन्य सेवा संबंधी कार्य पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित हों। उन्होंने कर्मचारियों को नवीनतम तकनीकों, कंप्यूटर प्रशिक्षण और संचार संदेशों की गुणवत्ता सुधार से संबंधित प्रशिक्षण दिए जाने पर भी विशेष बल दिया।