योगी आदित्यनाथ ने डॉ. राम मनोहर लोहिया की जयंती पर दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री का श्रद्धांजलि संदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को समाजवादी विचारक डॉ. राम मनोहर लोहिया की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, 'महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर समाजवादी चिंतक एवं ‘सप्त क्रांति’ के प्रणेता डॉ. राम मनोहर लोहिया की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि।' मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि 'सामाजिक न्याय, समता और राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण हमें एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करता रहेगा।' डॉ. लोहिया का जन्म 1910 में हुआ था और वे एक स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने गांधीवादी विचारों को अपनाया।
डॉ. राम मनोहर लोहिया: एक संक्षिप्त परिचय
डॉ. लोहिया का जन्म 23 मार्च, 1910 को हुआ था। वे भारतीय राजनीति के उन प्रमुख व्यक्तित्वों में से एक थे, जिन्होंने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों की आवाज़ उठाई।
गांधीवादी विचारधारा: वे महात्मा गांधी के विचारों से गहराई से प्रभावित थे और स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रूप से भाग लिया।
विपक्ष की एकजुटता: डॉ. लोहिया ने कांग्रेस के प्रभुत्व के समय विपक्षी दलों को एकजुट करने का महत्वपूर्ण कार्य किया, जिससे लोकतंत्र में एक मजबूत विकल्प बना रहे।
सामाजिक सशक्तिकरण: उन्होंने पिछड़े, दलित और वंचित समुदायों के राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर संघर्ष किया।
सप्त क्रांति का विचार: समाज में असमानता को समाप्त करने के लिए उन्होंने 'सप्त क्रांति' का सिद्धांत प्रस्तुत किया, जो आज भी भारतीय समाजवाद का आधार माना जाता है।
विरासत और प्रेरणा
1967 में निधन के बाद भी डॉ. लोहिया की विरासत आज भी उत्तर प्रदेश और देश की राजनीति में अत्यंत प्रासंगिक है। मुख्यमंत्री का यह संबोधन दर्शाता है कि वैचारिक मतभेदों से ऊपर उठकर, डॉ. लोहिया का राष्ट्र के प्रति समर्पण और समतावादी समाज का सपना हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
